कर्नाटक विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने सब-कुछ खुद अपने कंट्रोल में रखकर चुनावी रणनीति तय की। मुद्दों से लेकर टिकट वितरण तक में प्रदेश इकाई का ही फीडबैक अहम रहा। इसी क्रम में, इस बार पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का नाम शामिल किया था, जिससे प्रदेश इकाई चकित रह गई थी। गैंगस्टर अतीक अहमद से जुड़े रिश्तों को लेकर विवाद में रहे प्रतापगढ़ी आखिर कौन हैं, आइए जानते हैं-
अतीक अहमद से जुड़ा था नाम
6 अगस्त, 1987 को जन्मे प्रतापगढ़ी का नाम कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों में रखा तो उनसे जुड़े पुराने मुद्दे सामने आने लगे। अतीक अहमद के कांग्रेस के स्टार प्रचारक इमरान प्रतापगढ़ी से रिश्तों को लेकर भाजपा ने हमला करना शुरू कर दिया था। कर्नाटक में भाजपा नेता शोभा करंदलाजे ने इमरान प्रतापगढ़ी के एक पुराने वीडियो के सहारे कांग्रेस पर हमला बोला था। वीडियो में इमरान प्रतापगढ़ी अपराधी माफिया अतीक अहमद के पक्ष में सम्मानजनक शब्द बोलते हुए दिखाई दे रहे थे। भाजपा ने सवाल किया था कि ऐसे अपराधियों के हितैषी लोगों को अपना स्टार प्रचारक बनाकर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है। इसके बाद ही इस मामले ने तूल ले लिया था, जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि प्रतापगढ़ी को प्रचारक बनाना कांग्रेस को भारी पड़ सकता है।
हालांकि, अतीक अहमद से अपने रिश्तों को लेकर प्रतापगढ़ी ने साफ कहा था कि यह एक सामान्य घटना थी और अतीक वहां मुख्य अथिति के तौर पर मौजूद था और मंच पर उनकी तारीफ में बोलना केवल माहौल बनाना एक तरीका था। उन्होंने कहा था कि राजनीति का अपराधीकरण एक अलग विषय है और वह एक शायर हैं और उनका कई बाहुबलियों से सामना होता रहता है। यह एक सामान्य बात है।
वहीं, एक मंच पर भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दाढ़ी पर तंज कसा तो कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने इसपर पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि मोदी जी की दाढ़ी बढ़ाई जाती है और राहुल जी की खुद ही बढ़ जाती है।
जीत के आसार दिखने पर बोले इमरान
ढोल नगाड़ों के बीच जब प्रतापगढ़ी से पूछा कि वह स्टार प्रचारक थे ऐसे में कांग्रेस का कौन सा सिक्का या दांव चला, जिससे पार्टी जीत की ओर बढ़ रही है। इस पर इमरान ने कहा कि राहुल गांधी की मोहब्बत का शोरूम खुला है। पहले हिमाचल में दुकान खोली थी अब कर्नाटक में शोरूम खोला है। नफरत की राजनीति पर मोहब्बत से जंग जीती है। भाजपा के मुकाबले कांग्रेस जीती है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की तुलना में राहुल और प्रियंका गांधी जीती हैं। उन्होंने आगे कहा कि नड्डा के मुकाबले खरगे जीते हैं।
प्रतापगढ़ी से जब पूछा कि बजरंग बली की मूर्ति दिख रही है इस पर क्या कहेंगे तो उन्होंने कहा कि यह आप भाजपा से पूछिए, जिस नरेटिव को वे सेट कर रहे थे उसका क्या हुआ। आज आशीर्वाद किसे मिला है। उन्होंने कहा कि आज खरगे का नारा जीता रहा। क्योंकि वह सच्चा था।
मुशायरों में बनाई अपनी पहचान
इमरान उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं। उनका पूरा नाम मोहम्मद इमरान खान है। हालांकि, वह अपने जिले प्रतापगढ़ के नाम को तखल्लुस की तरह इस्तेमाल करते हैं। एक दौर में, प्रतापगढ़ी ने मुशायरों में अपनी पहचान बनाई थी। कहा जाता है कि उनकी शायरी में मोहब्बत के कम और सियासी तीर ज्यादा चलते हैं।
इमरान ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से हिंदी की पढ़ाई की है। उनकी हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं में अच्छी पकड़ है। उनके पिता मोहम्मद इलयास खान पेशे से डॉक्टर हैं। इमरान को बचपन से ही शायरी का शौक था। उन्होंने पांचवीं क्लास से शेर-ओ-शायरी, कविता लिखनी शुरू कर दी थी।
अन्ना हजारे के खिलाफ पढ़ चुके हैं नज़्में
प्रतापगढ़ी की मदरसा, फिलिस्तीन, हम मुसलमान हैं और नजीब पर लिखी गईं नज़्में काफी चर्चित रही हैं। वह मुसलमानों की तालीम की वकालत करते हैं, साथ ही मुसलमानों के हक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट सोच रखते हैं। वक्त-वक्त पर इमरान सियासी मंचों पर भी नजर आते रहे हैं। उन्होंने एक दौर में अन्ना हजारे के खिलाफ भी नज़्में पढ़ी थीं।
साल 2018 में हुई थी राहुल से मुलाकात
एक कार्यक्रम में इमरान ने बताया कि कैसे वह कांग्रेस के साथ जुड़े। उन्होंने बताया था कि साल 2018 में उनकी राहुल गांधी से मुलाकात हुई थी। ये मुलाकात आधे घंटे के लिए तय हुई थी, लेकिन डेढ़ घंटा कहां बीत गया पता ही नहीं चला। इस दौरान शायरी से लेकर सियासत और देश के मुद्दों पर बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि इस पूरी मुलाकात में उन्हें राहुल गांधी की सादगी और उनके विजन ने बहुत प्रभावित किया था। सोने पे सुहागा तब हुआ जब प्रियंका गांधी आईं। एक अलग जोश भर गया था।
2019 में चुनावी मैदान में उतरे
प्रतापगढ़ी ने साल 2019 में मुरादाबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी से चुनाव भी लड़े थे। हालांकि, इस चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा था। बाद में उनको 3 जून, 2021 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। जून 2022 में, प्रतापगढ़ी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नामांकन पर महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए चुने गए। फिलहाल वह राज्यसभा के वर्तमान सदस्य हैं।