मासूम बच्ची को बंधक बनाकर रखने के मामले में एक सपा नेता की सिफारिश और देहली गेट पुलिस की कार्रवाई पर बुधवार को एक वीडियो क्लीपिंग के चलते सवाल उठने लगे हैं। दूसरी तरफ बच्ची की मां व उसके ताऊ में अभी जंग जारी है। इस क्रम में बच्ची के ताऊ ने डीएम से मुलाकात कर पुलिस द्वारा उसके खिलाफ मुकदमे को लेकर विरोध जताया।
उसने डीएम को एक वीडियो भी दिखाया जिसमें एक महिला बर्तन मांज रही है और बच्ची चारपाई पर बंधी पड़ी है। वीडियो क्लीपिंग देखने के बाद डीएम ने तत्काल तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के आदेश दे दिए। इस कमेटी के सामने बच्ची ने ताऊ-ताया पर उसे बंधक बनाने का आरोप लगाया है।
यह वाकया पिछले दो दिनों से चर्चाओं में है। फफाला निवासी चार साल की बच्ची का ताऊ रहीश दो दिन से पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाकर रहा है । उसका कहना है कि उसके छोटे भाई नईम की पत्नी आसमा अपनी चार साल की बच्ची को बांधकर रखती है। पहले दिन तो पुलिस ने मसला पुराना बताकर टहला दिया।
लेकिन दूसरे दिन एक सपा नेता के हस्ताक्षेप के बाद एसओ देहली गेट ने असमा की तहरीर पर रहीश व कल्लू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोप है कि जब बच्ची की मां नहाने गई तो उसे बंधक बनाकर वीडियो क्लीपिंग तैयार कर ली गई। हालांकि रहीश ने आरोप को गलत बताया है।
बुधवार को बच्ची के ताऊ व दादी पूर्व विधायक विवेक बंसल के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी से मुलाकात कर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान वे एसओ के निलंबन संबंधी तख्तियां भी लिए हुए थे। डीएम ने वीडियो देखकर सवाल उठाया कि पुलिस ने इसमें दिखने वाली महिला की जांच क्यों नहीं की।
कौन महिला है जो बर्तन साफ कर रही है। इसके बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट, जिला प्रोबेशन अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी की कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए। इस मामले में कमेटी ने देर शाम अपनी रिपोर्ट भी दे दी है। कमेटी के समक्ष एसओ ने बच्ची को पेश किया, जहां बच्ची ने अपने ताऊ व ताया को आरोपी बताया है।