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कौन थे शिवराज पाटिल: सात बार MP, पूर्व गृह मंत्री और गवर्नर रहे; इंदिरा-राजीव गांधी सरकार में भी संभाले अहम पद

Fri, 12 Dec 2025 08:24 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का आज महाराष्ट्र के लातूर में निधन हो गया। 90 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले पाटिल ने सात बार लोकसभा सांसद, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री और राज्यपाल जैसे बड़े पद संभाले। उनका सरल और मेहनती जीवन राजनीति में योगदान की मिसाल है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। आइए पाटिल के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हैं। 

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पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल का निधन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का आज यानी शुक्रवार की सुबह महाराष्ट्र के लातूर में निधन हो गया। उन्होंने 90 साल की उम्र में अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कहा। पाटिल अपने पूरे राजनीतिक जीवन में सात बार लोकसभा सांसद रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री और राज्यपाल जैसे बड़े-बड़े पदों को भी संभाला। ऐसे में इस बात को देखते को ये कहना गलत नहीं होगा कि राजनीति की दुनिया में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आइए जानते है कैसे एक साधारण परिवार में जन्में पाटिल ने भारत की राजनीति में अपना नाम इतना ऊंचा कर लिया?
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बता दें कि शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्तूबर 1935 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकूर गांव में हुआ था। सरल और मेहनती परिवार के रहने वाले शिवराज पाटिल ने अपने जीनव की शुरुआत शिक्षा और कानून की पढ़ाई से की। इसके बाद धीरे‑धीरे उन्होंने राजनीति में कदम रखा। कदम भी वैसा कि जब भी भारत की राजनीति में मर्यादित भाव और आचरण का जिक्र होगा, शिवराज पाटिल का नाम सर्वप्रथम लिया जाएगा। 

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राजनीति जीवन की शुरुआत को समझिए
बात अगर शिवराज पाटिल के राजनीति जीवन की शुरुआत की करें तो उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय राजनीति से की और लातूर नगरपालिकाध्यक्ष जैसे पदों पर काम किया। फिर लातूर की ग्रामीण सीट से उन्होंने साल 1973 से 1980 तक विधायक की भी जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद पहली बार 1980 में शिवराज पाटिल लोकसभा पहुंचे। वे सात बार लातूर लोकसभा सीट से सांसद रहे और 10 जुलाई 1991 से 22 मई 1996 तक उन्होंने लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। इतना ही नहीं पाटिल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में रक्षा राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। 

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संघर्षपूर्ण रहा गृह मंत्रालय संभालना
कई बड़े पदों को संभालाने वाले शिवराज पाटिल के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय संभालना थोड़ा संघर्षपूर्ण रहा। वे 22 मई 2004 से 30 नवंबर 2008 तक भारत के केंद्रीय गृह मंत्री रहे। ऐसे में पाटिल के समय में देश ने कई महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया। लेकिन 2008 में 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के बाद उनकी सुरक्षा नीतियों पर ढेरो सवाल उठने लगे।

हमला ही इतना बड़ा था कि इसने पूरे देशभर को झकझोर कर रख दिया। सुरक्षा व्यवस्था में हुई इन खामियों के चलते पाटिल को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में काफी विचार-विमर्श के बाद शिवराज पाटिल ने गृह मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे के बाद भी देश के लिए सेवा और राजनीति में योगदान जारी रखा।


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