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CRPF: सीआरपीएफ हवलदार व उसकी पत्नी की मौत का जिम्मेदार कौन, क्या कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी से सच आएगा सामने?

सार

सीआरपीएफ की महिला अधिकारी पर आरोप लगे हैं। हमने मेरठ जिले के कंकरखेड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया गया है। साथ ही सीआरपीएफ के आईजी ने भी यह भरोसा दिया है कि इस मामले की तह तक पहुंचा जाएगा।
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सीआरपीएफ - फोटो : अमर उजाला
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देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में हुई एक हृदय विदारक घटना ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। ऐसा क्या कारण रहा कि सीआरपीएफ हवलदार केशपाल सिंह (45) ने अपनी पत्नी प्रियंका देवी (36) और बेटी नव्या (13) के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना में केशपाल सिंह और उसकी पत्नी की मौत हो गई है। डॉक्टरों ने केशपाल सिंह की बेटी को बचा लिया है। केशपाल सिंह के भाई महेशपाल सिंह ने अमर उजाला डॉट के साथ बातचीत में कहा, यह कोई छोटा मोटा केस नहीं है। 
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सीआरपीएफ की महिला अधिकारी पर आरोप लगे हैं। हमने मेरठ जिले के कंकरखेड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया गया है। साथ ही सीआरपीएफ के आईजी ने भी यह भरोसा दिया है कि इस मामले की तह तक पहुंचा जाएगा। उधर, सीआरपीएफ ने इस मामले की 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश जारी कर दिए हैं। कमांडेंट विनोद कुमार के नेतृत्व में गठित बोर्ड इस केस की जांच करेगा।
 
बता दें कि मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में रविवार को हृदय विदारक घटना सामने आई थी। सीआरपीएफ की रेपिड एक्शन फोर्स में तैनात हवलदार केशपाल सिंह ने अपनी पत्नी प्रियंका देवी और बेटी नव्या के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया था। केशपाल सिंह के भाई महेशपाल सिंह ने बताया, उनके पास सुबह ही फोन आया था। उस वक्त केशपाल सिंह जहरीला पदार्थ निगल चुके थे। केशपाल सिंह ने फोन पर कहा था कि उसके साथ बहुत बुरा सलूक किया जा रहा है। उसे मानसिक और शारीरिक तौर पर टॉचर्र किया गया है। उसने सीआरपीएफ की महिला अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। केशपाल सिंह ने यह भी कहा, हमारे बाद मेरे बेटे का ध्यान रखना। उसे अच्छे से पढ़ाना लिखाना। 
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लिहाजा, केशपाल सिंह का घर करीब तीस किलोमीटर दूर था। ऐसे में महेशपाल सिंह अपने बेटे के साथ बाइक पर केशपाल सिंह के घर पर पहुंच गए। उन्होंने देखा कि तीनों जहर के प्रभाव से तड़प रहे हैं। तीनों को निकटवर्ती कैलाशी अस्पताल में ले जाया गया। वहां पर डॉक्टरों ने तीनों को दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कही। वहां से उन्हें आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोपहर साढ़े तीन बजे केशपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। इसके बाद रात साढ़े ग्यारह बजे केशपाल सिंह की पत्नी प्रियंका भी चल बसी। महेशपाल सिंह के मुताबिक, भतीजी नव्या ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह मेरे पापा के पास फोन आया था। उस वक्त फोन स्पीकर पर था। फोन पर किसी महिला की आवाज आ रही थी। 
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महेशपाल सिंह ने बताया, उसके भाई और भाभी की मौत के पीछे बड़ी साजिश रही है। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में भी गुरमीत कौर और तुलसी डोगरियाल का नाम लिखा है। इन दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने केशपाल सिंह को टॉर्चर किया है। इन्होंने फोन पर धमकी दी थी कि तेरी नौकरी तो खत्म करा दी गई है, अब तेरे परिवार को जेल कराएंगे। इतना ही नहीं, पुलिस को दी शिकायत में यह भी लिखा है कि आरोपियों ने केशपाल सिंह को यह धमकी भी दी थी कि उसके बेटे को भी मरवा देंगे। महेशपाल सिंह ने 18 फरवरी को पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि गुरमीत कौर व तुलसी डोगरियाल के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। 
 
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