रथिंद्र बोस पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए स्पीकर चुने गए हैं। पहली बार विधायक बने बोस आजादी के बाद उत्तर बंगाल से स्पीकर बनने वाले पहले नेता हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट बोस लंबे समय से आरएसएस और भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुक्रवार को एक नया इतिहास लिखा गया, जब रथिंद्र बोस को विधानसभा का नया स्पीकर चुना गया। खास बात यह है कि रथिंद्र बोस पहली बार विधायक बने हैं और पहली बार ही विधानसभा पहुंचते ही उन्हें सदन की सबसे बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी सौंप दी गई। आजादी के बाद यह पहली बार है जब उत्तर बंगाल से आने वाला कोई विधायक पश्चिम बंगाल विधानसभा का स्पीकर बना है।
रथिंद्र बोस का जन्म कूचबिहार जिले के देबीबारी इलाके में हुआ। उन्होंने कूचबिहार के बीटी एंड इवनिंग कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद वे कोलकाता गए, जहां उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई पूरी की।
सीए बनने के बाद बोस ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की अखिल भारतीय परीक्षा में पांचवां स्थान हासिल किया। कुछ साल तक वे लंदन में भी रहे, लेकिन बाद में वापस लौटकर सिलीगुड़ी में बस गए।
लंदन से लौटने के बाद रथिंद्र बोस उत्तर बंगाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की संगठनात्मक राजनीति से गहराई से जुड़ गए। वे लंबे समय से भाजपा और संघ के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा ने कूचबिहार और उत्तर बंगाल को बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। पहले दिनहाटा से विधायक निशीथ प्रमाणिक को राज्य कैबिनेट में जगह देकर उत्तर बंगाल विकास, खेल और युवा मामलों का विभाग सौंपा गया। अब रथिंद्र बोस को विधानसभा स्पीकर बनाकर पार्टी ने इस क्षेत्र को और मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया है।
आमतौर पर विधानसभा स्पीकर का पद किसी अनुभवी विधायक को दिया जाता है, जिसे सदन की कार्यवाही का लंबा अनुभव हो। लेकिन भाजपा ने इस बार परंपरा तोड़ते हुए पहली बार विधायक बने रथिंद्र बोस पर भरोसा जताया है।