खुशबू ने मुख्य रूप से तमिल फिल्मों में अभिनय किया और वह यहां एक अग्रणी अभिनेत्री बन गईं। उन्होंने मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों में भी काम किया है। अपने करियर के दौरान, उन्होंने रजनीकांत, कमल हासन, चिरंजीवी जैसे शीर्ष अभिनेताओं के साथ काम किया है। उनकी लोकप्रियता ऐसी है कि उनके प्रशंसकों द्वारा उन्हें एक मंदिर समर्पित किया गया है।
डीएमके के साथ की थी राजनीति की शुरुआत
साल 2010 में खुशबू सुंदर की राजनीति में एंट्री हुई। उन्होंने डीएमके का दामन थामा था। तब तमिलनाडु में पार्टी सत्ता में थी। उस समय उन्होंने कहा था, 'मुझे लगता है कि मैंने सही निर्णय लिया है। मुझे लोगों की सेवा करना बहुत पसंद है। मैं महिलाओं की भलाई के लिए काम करना चाहती हूं।'
हालांकि चार साल बाद जब उन्होंने डीएमके छोड़ी तो कहा था, 'द्रमुक के लिए कड़ी मेहनत एक तरफा रास्ते की तरह था।' उसी साल 2014 में सोनिया गांधी से मिलने के बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गईं। तब उन्होंने कहा था, 'आखिरकार मैं अपने घर आ गई हूं। कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जो भारत के लोगों के लिए अच्छा और देश को एकजुट कर सकती है।'
खुशबू सुंदर का असली नाम नखत खान है। बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि वह मुस्लिम हैं। नाम बदलने को लेकर अक्सर ही उन्हें ट्रोल किया जाता है। नाम बदलने को लेकर हुए विवाद के बाद उन्होंने कहा था कि जब वह सात साल की थी, तभी से उन्हें परिवार में खुशबू के नाम से बुलाया जाता था और इसी नाम से जानी जाती थीं। शादी के बाद उन्होंने अपने पति का उपनाम अपने नाम के साथ जोड़ लिया। इस तरह उन्हें खुशबू सुंदर के नाम से जाना जाने लगा। खुशबू सुंदर ने बताया कि उनके दोस्त और परिवार वाले अभी भी उन्हें नखत के नाम से ही जानते हैं।
केंद्र सरकार ने जब नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी तो कांग्रेस पार्टी ने इस नीति का विरोध किया। वहीं, खुशबू सुंदर ने मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति का स्वागत किया। उन्होंने पार्टी लाइन से अलग जाने के लिए राहुल गांधी से ट्वीट कर माफी भी मांगी।
खुशबू ने शिक्षा नीति को लेकर कहा था, ‘नई शिक्षा नीति 2020 पर मेरे विचार मेरी पार्टी से अलग हैं और मैं इसके लिए राहुल गांधी से माफी मांगती हूं। लेकिन मैं कठपुतली या रोबोट की तरह सिर हिलाने के बजाए तथ्यों पर बात करती हूं। हर चीज पर हम अपने नेता से सहमत नहीं हो सकते हैं लेकिन एक नागरिक के तौर पर बहादुरी से अपनी राय रखने का साहस रख सकते हैं।’
सुंदर ने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘राजनीति महज शोर मचाने के लिए नहीं है, इसके बारे में मिलकर साथ काम करना है और भाजपा, पीएमओ को इसे समझना होगा। बतौर विपक्ष, हम इस पर विस्तार से देखेंगे और खामियों को भी बताएंगे। भारत सरकार को नई शिक्षा नीति से जुड़ी खामियों को लेकर हर किसी को विश्वास में लेना चाहिए।’
लोकसभा चुनाव के दौरान एक शख्स को मारा थप्पड़
साल 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक शख्स को थप्पड़ मारती दिखाई दे रही थीं। इस पर सुंदर ने कहा था कि जब वह बंगलूरू सेंट्रल के इंदिरा नगर से कांग्रेस प्रत्याशी के लिए वोट मांग रही थीं, तभी भीड़ में खड़े एक शख्स ने उन्हें पीछे से पकड़ने की कोशिश की। ऐसा करने पर उन्होंने शख्स को थप्पड़ जड़ दिया था।