सफेद टी शर्ट (White T-Shirt) राहुल गांधी की पहचान बन गई है। सफेद टी शर्ट पहनकर जब वे युवाओं में बेरोजगारी की बात करते हैं या परीक्षाओं के लीक होने का मुद्दा उठाते हैं, तब युवा उन्हें अपने ज्यादा करीब पाते हैं। यही कारण है कि बिहार में कांग्रेस के चुनावी अभियान को मजबूत शुरुआत देने के लिए उन्होंने एक बार फिर व्हाइट टी-शर्ट पर ही भरोसा किया है। कांग्रेस ने अपने अभियान में 'नौकरी दो या सत्ता छोड़ो' का नारा दिया है। यदि कांग्रेस मजबूती से इस नारे को लोगों के बीच ले जाने में सफल रही तो उसे इसका लाभ मिल सकता है।
टी शर्ट पॉलिटिक्स
राहुल गांधी ने पहली बार सफेद टी-शर्ट कब पहनी थी, इसका जवाब देना तो संभवतः किसी के लिए भी संभव नहीं होगा, लेकिन जब उन्होंने सफेद टी शर्ट पहनकर भारत जोड़ो यात्रा 1.0 की शुरुआत की थी, वे बडी़ संख्या में युवाओं-श्रमिकों को आकर्षित करने में सफल रहे थे। लोकसभा चुनाव 2024 में इंडिया गठबंधन को जिस तरीके से सफलता मिली थी, माना जाता है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और उनकी सफेद टी शर्ट का बड़ा योगदान था।
इसके पहले राहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले भी 19 जनवरी 2025 को ह्वाइट टी शर्ट कैंपेन (#WhiteTshirtMovement) शुरू किया था। सफेद टी शर्ट को अकुशल-अर्धकुशल श्रमिकों और विभिन्न वर्ग के कारीगरों से जोड़कर देखा जाता है। राहुल गांधी ने इसी रणनीति के अंतर्गत अलग-अलग पेशे के लोगों से मुलाकात कर उनका मुद्दा उठाने की कोशिश की थी।
दिल्ली के चुनाव में अपनी ही रणनीतिक कमजोरी से बड़ा लाभ उठाने में कामयाब नहीं हो पाई, लेकिन स्वयं कांग्रेस के भी नेता मानते हैं कि केजरीवाल को हराने में उसकी भूमिका बेहद महत्त्वपूर्ण रही है। दिल्ली चुनाव में लगभग डेढ़ दर्जन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार आम आदमी पार्टी के हारने की बड़ी वजह बने थे।
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भाजपा नेता भी मानते हैं इसकी ताकत
भाजपा नेता राहुल गांधी की व्हाइट टी-शर्ट पॉलिटिक्स का सार्वजनिक मंचों पर काफी मजाक उड़ाते हैं। वे इसे हल्की राजनीति का उदाहरण साबित करने की कोशिश करते हैं। कई बार वे इसकी तुलना यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की से करते हैं जिन्होंने अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता का परिचय देते हुए अपने देश को रूस जैसे मजबूत देश के साथ युद्ध में उलझा दिया। लेकिन भाजपा के ही कई नेता मानते हैं कि राहुल गांधी की यह रणनीति कांग्रेस के लिए कारगर साबित हुई है।
भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हरा दिया था। इसके पहले राहुल गांधी अमेठी से तीन बार लगातार सांसद रह चुके थे। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में वे गांधी परिवार के ही एक भरोसेमंद कांग्रेस कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा से चुनाव हार गईं। अपनी चुनावी हार के बाद एक कार्यक्रम में स्मृति ईरानी ने यह स्वीकार किया कि राहुल गांधी टी-शर्ट पहनने की राजनीति बहुत सोच समझकर करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी रणनीति फिलहाल कारगर साबित हुई है।
बिहार में क्या होगा?
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में तेजस्वी यादव ने युवाओं और बेरोजगारों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था। तेजस्वी यादव ने जगह-जगह सभाएं कर युवाओं को इस बात का भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार आने के बाद बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। तेजस्वी यादव की सभाओं में जिस तरह की भीड़ उमड़ी, उसने सत्तारूढ़ जदयू-भाजपा की रातों की नींद छीन ली थी। राजद को इस रणनीति का लाभ मिला और वह अपने सहयोगी दल कांग्रेस-वामदलों के सहारे चुनाव में शुरुआती बढ़त बनाने में सफल रही थी। अंततः वह सत्ता में पहुंचने में असफल रही, लेकिन उसने जदयू और भाजपा को यह चेतावनी अवश्य दे दी थी कि यदि उन्होंने युवाओं के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो उनके लिए खतरे की घंटी बज सकती है।
इस बार के चुनाव में भी राजद-कांग्रेस और वाम दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। ऐसे में राहुल गांधी ने ह्वाइट टी शर्ट में उतरकर अभियान का आगाज कर दिया है। यह इंडिया गठबंधन के दलों को लाभ दे सकता है। साथ ही, इंडिया गठबंधन के अंदर कांग्रेस की सौदेबाजी को मजबूत आकार दे सकता है।
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युवाओं की बात करते हैं राहुल गांधी: रितु चौधरी
कांग्रेस नेता रितु चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि राहुल गांधी अपनी राजनीति की शुरुआत से युवाओं-बेरोजगारों और श्रमिकों की बात करते आए हैं। वे बिहार में भी वही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का टी शर्ट पहनना उन्हें युवाओं के ज्यादा करीब ले जाता है और वे स्वयं भी इसे पसंद करते हैं। ऐसे में यह केवल एक परिधान ही नहीं, बल्कि एक विचार का वस्त्र बन गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में इंडिया गठबंधन के दल जीत हासिल करेंगे।
राजद-कांग्रेस की लड़ाई सतह पर आई: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता जयराम विप्लव ने कहा कि राहुल गांधी चुनावों में हार का शतक लगाने जा रहे हैं। ऐसा करने वाले वे विश्व के पहले नेता होंगे। इसके बाद भी कांग्रेस उनको अवसर दे रही है, यह आश्चर्यजनक बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी 'पार्ट टाइम पॉलिटिशियन' की तरह व्यवहार करते हैं। चुनावों में हार के बाद गायब हो जाते हैं। लंबी छुट्टी के बाद फिर किसी अगले चुनाव में वे सामने आते हैं। प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के समय संसद में भी वे अगंभीर रहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव दर चुनाव मिल रही हार यह बताने के लिए पर्याप्त है कि राहुल गांधी की टी शर्ट पॉलिटिक्स सफल नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राजनीतिक रूप से बहुत परिपक्व प्रदेश में कांग्रेस की यह राजनीति कारगर नहीं होने वाली है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और भाजपा के नेतृत्व में बिहार अब विकास की गति पकड़ चुका है। किसी दूसरे को अवसर देकर वह इस विकास की गति को तोड़ने का काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में एक बार फिर से एनडीए गठबंधन (जदयू-भाजपा-हम-लोजपा चिराग पासवान) की सरकार बनेगी।