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कहां गुम हो गए वो २७ आरोपी पुलिस वाले 

Sun, 03 Apr 2016 03:32 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सीबीआई कोर्ट ने गिरफ्तारी को भेजे वारंट
  • पुलिस कर्मियों को पीएनओ नंबर एलार्ट नहीं था
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फर्जी मुठभेड़ में मारे गए सिख युवक - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पीलीभीत में आतंकी बताकर दस लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने के आरोपियों का अभी तक पता नहीं लग पा रहा है। पीलीभीत में तैनात कई आरोपी थानों में छुट्टी की अर्जी देकर गायब हो गए हैं। बरेली क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरपाल सिंह मुठभेड़ के समय थानाध्यक्ष न्यूरिया थे। यहां जेल रोड पर रहने वाले मोहम्मद अनीस रिटायर हो चुके हैं।
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वह मुठभेड़ के समय एसओ बिलसंड़ा थे। दोनों की पेशी पर गए थे। फर्जी मुठभेड़ का दोषी बताते हुए सीबीआई कोर्ट ने दोनों को पेशी से ही गिरफ्तार कराकर जेल भिजवा दिया है। हरपाल सिंह का इसी महीने 30 अप्रैल को रिटायरमेंट है। 25 साल कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद उन्हें सीबीआई कोर्ट के दोषी ठहराने के बाद बड़ा झटका लगा है। रिटायरमेंट के बाद हरपाल सिंह के परिवार को पेंशन मिलना भी मुश्किल हो जाएगी। नौकरी के आखिरी समय में गुनाह की सजा मिलने से हरपाल सिंह की कई विवेचनाएं भी लंबित रह गई हैं। पूरनपुर कोतवाली के मुंशी ज्ञान सिंह भी कोर्ट से ही जेल जा चुके हैं।

उधर, पीलीभीत के न्यूरिया थाने में तैनात सिपाही श्यामबाबू, माधौटांडा के सिपाही राशिद हुसैन, गजरौला थाने के सिपाही दुग्विजय सिंह, कुंवर पाल सिंह, पूरनपुर के हेड कांस्टेबिल दुग्विजय सिंह थानों में छुट्टी की अर्जी देकर गायब हो गए हैं। बरेली क्राइम ब्रांच के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह की इन दिनों गोरखपुर में तैनाती है। पीलीभीत पुलिस बाकी आरोपियों के बारे में दिन भर जानकारी जुटाती रही। डीआईजी के आदेश पर पीआरओ ने सभी आरोपियों के बारे में पता लगाने की कोशिश की, लेकिन जानकारी नहीं मिल पाई।
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इतना पता लगा कि मुठभेड़ के वक्त पुलिस कर्मियों को पीएनओ नंबर एलार्ट नहीं था। इसलिए उन्हें तलाशने में दिक्कत हो रही है। डीआईजी आशुतोष कुमार ने बताया कि सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वारंट भेज दिया होगा। इसमें सभी की गिरफ्तारी होनी है। मुठभेड़ के 27 आरोपी अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।
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