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इशरत जहां की फाइलें कहां गईं, नहीं पता: चिदंबरम

Wed, 01 Jun 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नई दिल्ली
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पी चिदंबरम
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इशरत जहां केस में कागजात की हेराफेरी के मामले सामने आने के संबंध में पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वही कागज गायब हुए हैं जो उनकी भूमिका का समर्थन करते हैं। वह चाहते हैं कि कमेटी इस कागजात को ढूंढे। मुझे नहीं पता कि वह फाइल कहां गायब हुई है।
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चिदंबरम ने कहा कि उसमें कोई नया हलफनामा नहीं है बल्कि अतिरिक्त शपथपत्र है जिसे मजिस्ट्रेट तमांग की मांग के बाद दिया गया है। उन्होंने पीएम मोदी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन कागजातों के गायब होने से किसको लाभ हुआ है? असल में वही लोग आरोप लगा रहे हैं जिनको इससे फायदा हो रहा है।

मंगलवार को राज्यसभा की उम्मीदवारी के लिए नामांकन दाखिल करने मुंबई आए चिदंबरम ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इसमें यह कहा गया है कि इशरत जहां की किस तरह हत्या हुई और नगदी आदि रखे गए।
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इस हलफनामे में फर्जी एनकाउंटर को लेकर कई बातें कही गई थीं। पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को राज्यसभा की उम्मीदवारी नहीं दिए जाने के सवाल पर चिदंबरम ने कहा कि वह उनके सम्माननीय सहकर्मी हैं। अगर वे होते तो बहुत अच्छे सांसद होते।

तीन वरिष्ठ आईएएस तलब
इशरत जहां मामले की फाइलें गायब होने की जांच कर रही एक सदस्यीय पैनल ने तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की है। मंत्रालय के सहायक सचिव बीके प्रसाद इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी देवेरकोंडा दीप्तिविलसा, सेवारत वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों धमेंद्र शर्मा और राकेश सिंह के बयान दर्ज किए।

ये तीनों अधिकारी अलग-अलग समय पर गृह मंत्रालय में महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा विभाग को देखते थे। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों अधिकारियों ने फाइल गायब होने के संबंध में अपनी भूमिका होने से इनकार किया। जांच समिति अभी तक कथित इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले की गायब फाइलें नहीं ढूंढ पाई है। 
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