कर्नाटक के यादगिर जिले के कांडकुर गांव में बिच्छू मेले का आयोजन हर साल नाग पंचमी के दौरान होता है। सूबे के अलावा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से लोग कोंडामाई देवी के दर्शन के लिए यहां आते हैं।
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देखें, जहां बिच्छू शरीर पर रेंगते हैं, पर काटते नहीं
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- फोटो : bbc
पूजा ख़त्म होने के बाद भक्त बिच्छुओं को शरीर पर घूमने देते हैं।
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पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी इनसे खेलने से नहीं डरते।
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भक्तों को यक़ीन है कि बिच्छू अगर उन्हें डंक भी मारेगा तो कोंडामाई उन्हें ज़हर से बचा लेंगी।
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बिच्छू अगर डंक मार देते हैं तो लोग जड़ी-बूटी का लेप लगा लेते हैं जिसमें हल्दी मिलाई जाती है। कहा जाता है कि कोई भी यहां बिच्छू के डंक से ना तो बीमार हुआ और ना ही मरा है।