दरअसल 20 जून को लखनऊ के पासपोर्ट सेवा केंद्र पर पासपोर्ट बनवाने पहुंचे मोहम्मद अनस सिद्दिकी और उनकी पत्नी तन्वी अनस सेठ ने विकास मिश्रा नामक अधिकारी पर मुस्लिम होने के चलते अपमानित करने और पासपोर्ट जारी नहीं करने का आरोप लगाया।
इस मुद्दे के सोशल मीडिया पर आने पर विकास के खिलाफ कार्रवाई कर तत्काल हाथोंहाथ पासपोर्ट दे दिया गया। कार्रवाई के बाद विकास ने अपनी सफाई दी। उनके स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया पर लोग विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके मंत्रालय पर निशाना साधने लगे।