ममता बनर्जी तो अब 180 डिग्री उल्टा बोल रही हैं
भाजपा नेता के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तो असम की इस समस्या पर अब 180 डिग्री उलट बोल रही हैं। 2005 में वह संसद में जोर-जोर से चिल्ला कर यह मांग कर रही थी कि असम में घुसपैठियों की समस्या को गंभीरता से लिया जाए। आज असम में 27 जिले घुसपैठियों से ग्रस्त हैं। इनमें 11 जिले तो पूरी तरह से घुसपैठिये बाहुल्य हो गए हैं।
साढ़े छह करोड़ दस्तावेज और बीस तरह की डिजिटल प्रोग्रामिंग से तैयार हुई है।
एनआरसी प्रक्रिया..थ्री डी पर हो रहा काम
माधव ने विपक्षी दलों की इस बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एनआरसी प्रक्रिया को तैयार करने में साढ़े छह करोड़ दस्तावेज काम में लाए गए हैं। इतना ही नहीं, कहीं जरा सी भी गलती न रह जाए, इसके लिए अलग-अलग तरह के बीस कार्यक्रम बनाए गए थे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, वैज्ञानिक और निष्पक्ष है। भाजपा नेता ने कहा, जो लोग शरणार्थी बनकर भारत में आए हैं, उनके साथ कानून के दायरे में सम्मानजनक व्यवहार होगा। पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हिंदू, ईसाई, जैन, बौध, पारसी या दूसरे लोग, जिन्होंने हमारे यहां पर शरण ली है, उन्हें नागरिकता देने के लिए भी विचार कर रहे हैं। केंद्र और असम सरकार थ्री डी पर काम कर रही है। पहला, डिटेक्ट, दूसरा डिलीट और तीसरा डिपोट।
हर राज्य में एनआरसी लागू हो: सर्बानंद सोनोवाल
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, हमें भारतीय मूल के लोगों को उनके अधिकार देने हैं, उनकी सभ्यता और संस्कृति को नष्ट होने से बचाना है। इसके लिए सभी राज्यों में एनआरसी लागू किया जाए। आज यह असम की समस्या है, हो सकता है कि ये लोग कल को दूसरे राज्य में जाकर बस जायें। इन घुसपैठियों की वजह से असम में जनसंख्या बढ़ी है। वहां बेरोजगारी फैल रही है। विपक्षी दल यह दुष्प्रचार कर रहे थे कि एनआरसी लागू होने से देश में गृह युद्ध छिड़ जाएगा। कहीं कुछ हुआ क्या, कोई भी ऐसी घटना नहीं हुई। सोनोवाल के मुताबिक़, एनआरसी का मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आगे बढ़ रहा है। सभी को अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त विकल्प दिए जा रहे हैं। किसी एक आदमी को भी गलत तरीके से असम से बाहर नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस ने बॉर्डर सील करने के मुदे पर भ्रम फैलाया, अब हम करेंगे बॉर्डर सील
सोनोवाल बोले, कांग्रेस ने इंडो-बांग्ला बॉर्डर सील करने का केवल भ्रम फैलाया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कभी बॉर्डर सील करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। अब मोदी सरकार बहुत जल्द बॉर्डर सील करने जा रही है। करीब 60-70 किलोमीटर लंबा क्षेत्र जो नदी आदि का इलाका पड़ता है, वहां पर सर्विलांस के लिए तकनीकी उपकरण लगा दिए हैं। बहुत जल्द चार जिलों का बॉर्डर पूरी तरह सील कर दिया जाएगा।