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शाह के कॉल के बाद पूरी रात जागे गडकरी, ऐसे बनी गोवा में बीजेपी की सरकार

Fri, 17 Mar 2017 10:50 AM IST
amarujala.com- Presented by: राघवेंद्र मिश्र
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नितिन गडकरी (फाइल)
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गोवा विधानसभा चुनाव में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के बाद भी बीजेपी की सरकार बनाने पर वरिष्ठ बीजेपी नेता नितिन गडकरी ने बयान दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई को उन्होंने विस्तार से बताया है कि कैसे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के फोन कॉल के बाद वह एक्टिव हुए और पूरी रात जगकर उन्होंने सरकार बनाने की रूप रेखा तैयार की। बताते चलें कि नितिन गडकरी गोवा यूनिट के प्रभारी थे। 
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नितिन गडकरी ने बताया, 'उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी जीत के उत्साह के बीच गोवा, मणिपुर और पंजाब में हार पर बात हो रही थी। 11 मार्च की शाम को ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का कॉल आया और उन्होंने मिलने की इच्छा जताई। मैं 30-45 मिनट के बाद तकरीबन 7 बजे अमित शाह के घर पहुंचा। वहां हमने गोवा के चुनाव परिणाम पर बात की, जहां हमारी पार्टी को सिर्फ 13 सीटें मिली।'

रिपोर्ट के मुताबिक, गडकरी ने शाह से कहा कि उन्हें उम्मीद के अनुरूप सपोर्ट नहीं मिला है। इसके बाद शाह ने बोला, गोवा में हमें सरकार बनानी है और इसके लिए आप वहां तुरंत जाइए। इसके तुरंत बाद गडकरी पणजी के लिए निकल लिए। हालांकि, वहां भी हताशा ही उनका इंतजार कर रही थी।
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गडकरी ने कहा, गोवा में बीजेपी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मनोहर पर्रिकर का रक्षा मंत्रालय छोड़कर वापस लौटना सही नहीं है। इसके बाद मैंने पर्रिकर से बात की। रात 1.30 बजे एमजीपी के सुदिन धावलिकर से मुलाकात हुई। हम दोनों एक दूसरे को लंबे वक्त से जानते थे। चर्चा के बाद उन्होंने हमें समर्थन देने की बात की। इसके कुछ देर बाद गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विजय सरदेसाई उनसे मिलने पहुंचे और लंबी बातचीत हुई।

पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने की रखी शर्त

फाइल फोटोः नरेंद्र मोदी और अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
गडकरी के मुताबिक, 12 मार्च की सुबह पांच बजे एमजीपी और जीएफपी ने शर्त रखी कि मनोहर पर्रिकर के मुख्यमंत्री बनने पर ही वह बीजेपी को समर्थन देंगे। 5.15 पर मैंने अमित शाह को फोन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अभी सो रहे होंगे। सुबह 7 बजे उन्हें कॉल करूंगा।

हालांकि, इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्रिकर को गोवा भेजने का फैसला बीजेपी संसदीय बोर्ड करेगी और इसमें पर्रिकर की इच्छा को भी देखा जाएगा।

सुबह 8.30 बजे अमित शाह को फोन आया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सहित अन्य लोगों से इस मुद्दे पर बात हुई है। सभी का कहना है कि यदि हम गोवा में सरकार बना सकते हैं और पर्रिकर वहां जाने के लिए तैयार हैं तो हमें ऐसा करना चाहिए।
 
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पर्रिकर का गोवा लौटना आसान था

मनोहर पर्रिकर (फाइल) - फोटो : ani
रिपोर्ट के मुताबिक, पर्रिकर का गोवा की राजनीति में वापस जाना बहुत आसान था। पार्टी के नेता अक्सर कहते थे कि उनके पास दिल्ली में दोस्त नहीं हैं। इसके साथ ही वह गोवा के खाने को भी बहुत मिस करते हैं।

इसके बाद एमजीपी, जीएफपी और दूसरे निर्दलीय विधायकों के समर्थन से पर्रिकर ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि, इसके बाद कांग्रेस की तरफ से आरोप लगा कि बीजेपी ने सरकार बनाने के लिए धनबल का प्रयोग किया है।16 मार्च को गोवा विधानसभा में पर्रिकर ने फ्लोर टेस्ट पास किया और बहुमत साबित किया। 
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