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पीएम के रूट पर रहा सन्नाटा, हाई अलर्ट पर रही फोर्स

Mon, 13 Jun 2016 03:27 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
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पीएम मोदी के लिए फ्लीट रिहर्सल की फाइल फोटो - फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
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भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में शामिल होने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, कई केंद्रीय मंत्री समेत तीन सौ से ज्यादा वीआईपी की सुरक्षा के लिए पुलिस और पैरा मिलेट्री फोर्स हाई अलर्ट पर रही। सुबह आठ बजे से ही सभी अफसर और कर्मचारी अपने प्वाइंट पर मुस्तैद हो गए थे। सायरन बजाती गाड़ियां, हर तरफ पुलिस बल और वीआईपी मूवमेंट के चलते ट्रैफिक पर रोक की वजह से सड़कों पर सन्नाटा रहा। भीड़ होटल कान्हा श्याम जहां पीएम को कुछ देर ठहरना था और केपी कॉलेज स्थित बैठक स्थल के ही बाहर दिखी। इस दौरान कार्यक्रम स्थल और सर्किट हाउस समेत अन्य वीआईपी के ठहरने के सभी स्थानों पर सख्त पहरे के बीच एंटी सबोटाज चेकिंग होती रही।
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पीएम का आगमन तो दोपहर करीब तीन बजे हुआ लेकिन बाकी मुख्यमंत्री और तमाम वीआईपी शनिवार रात और रविवार सुबह तक आ चुके थे। सभी होटलों और सर्किट हाउस पर शनिवार से ही पुलिस, पीएसी और पैरा मिलेट्री फोर्स का पहरा बैठा दिया गया था। प्रधानमंत्री के ठहरने के स्थानों कान्हा श्याम और सर्किट हाउस में एंटी सबोटाज चेक टीम ने लगातार निरीक्षण किया। दूसरे जिलों से आए पुलिस बल और पैरामिलेट्री फोर्स को रविवार सुबह आठ बजे से पीएम सिक्योरिटी में मुस्तैद कर दिया गया।

बमरौली एयरपोर्ट से मुंडेरा, सुलेमसराय, चौफटका, हाईकोर्ट से पत्थर गिरजाघर होते कान्हा श्याम होटल, सर्किट हाऊस, केपी कॉलेज मैदान तक ट्रैफिक पर रोक लगा दी गई थी। पीएम के आगमन से घंटा भर पहले पुलिस की हूटर बजाती गाड़ियों ने पूरा रूट क्लीयर करा लिया। न पैदल राहगीर न कोई दोपहिया गाड़ी। सड़क पर एकदम सन्नाटा। एयरपोर्ट से लेकर सिविल लाइंस तक के रूट में तकरीबन सभी दुकानें भी बंद रहीं। सिविल लाइंस में तो हाईकोर्ट से केपी कॉलेज तक पुलिस बल और पैरा मिलेट्री फोर्स की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की वजह से एक भी दुकान नहीं खुली।
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पीएम मोदी के केपी कॉलेज जाने के बाद शाम को पुलिस सख्ती कम होने पर कुछ दुकानें और खासतौर से रेस्टोरेंट खुले। शाम को सुरक्षाबलों ने केपी कॉलेज के चौतरफा सुरक्षा घेरा कस दिया था। मेडिकल चौराहे और सीएमपी कॉलेज के सामने से आम वाहनों को केपी कॉलेज की तरफ नहीं जाने दिया गया। केवल वीआईपी, सुरक्षाबलों और पासधारकों की गाड़ियों को ही जाने दिया गया। उधर, पीएम की सर्किट हाउस में मौजूदगी के दौरान बाबा चौराहा और इंदिरा मूर्ति चौराहा से वाहनों के सर्किट हाउस की तरफ जाने पर रोक रही।

स्पेशल कमांडों के घेरे में रहा मैदान
शाम करीब साढ़े चार बजे पीएम मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत दूसरे केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के कार्यसमिति की बैठक में शरामल होने के लिए पहुंचने के बाद केपी कॉलेज मैदान सीआरपीएफ और आईटीबीपी के स्पेशल कमांडों के घेरे में आ गया। केपी कॉलेज के दोनों गेट पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस कमांडों मुस्तैद हो गए। पासधारक शख्स भी खुफिया और कमांडों के पैनी निगाहों से गुजरे। कॉलेज के अंदर भी वीआईपी पंडाल के चौतरफा और मैदान की पिछली चहारदीवारी के आसपास भी पुलिस के साथ ही पैरा मिलेट्री फोर्स के जवानों का पहरा रहा। एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी केपी कॉलेज में लगातार सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेते हुए मातहत पुलिस अधिकारियों को हिदायत देते रहे।

गश खाकर गिरा क्राइम ब्रांच का सिपाही
केपी कॉलेज मैदान में छत पर तैनात बांदा क्राइम ब्रांच का सिपाही विकास सिंह (26) शाम करीब पांच बजे अचानक गश खाकर गिरा तो उसके साथियों ने अफसरों को खबर दी। सिपाही को जार्जटाउन थाने की पुलिस ने एसआरएन अस्पताल पहुंचाया तो उसका इलाज शुरू हुआ। सिपाही सुबह दस बजे से ही छत पर मुस्तैद था। तेज गर्मी और उमस के चलते उसकी तबीयत बिगड़ी। इलाज होने पर उसकी हालत सामान्य हुई।
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सर्किट हाउस में बंद कमरे से मचा हड़कंप

सर्किट हाउस की फाइल फोटो
वहीं सर्किट हाउस में एक बंद कमरे की वजह से रविवार को दिन में खासा हड़कंप मच गया। कुछ घंटे बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वहां पहुंचना था, सो पीएम की सुरक्षा को लेकर अफरातफरी जैसा माहौल हो गया। अफसर काफी देर तक यही मालूम करते रहे कि चाभी किसके पास है। ताला तोड़वाने की नौबत आ गई। इस बीच मालूम हुआ कि कमरे में एक एडिशन एसडीएम रहते हैं और चाभी उन्हीं के पास है। आपाधापी में चाभी मंगाकर कमरा खुलवाया गया और वहां जांच-पड़ताल की गई।

जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि पूरा सर्किट हाउस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बुक कर दिया गया। इसके बावजूद कमरा नंबर-17 नहीं खुला। वहां ताला लटक रहा था। सुरक्षा कर्मियों ने जांच-पड़ताल के दौरान इस बारे में पूछा तो चाभी की खोजबीन शुरू की गई। काफी देर तक चाबी नहीं मिली तो अफसरों ने ताला तोड़वाने का निर्णय लिया लेकिन इस बीच सूचना मिली कि यह कमरा एडिशनल एसडीएम के नाम एलॉट है।

सूत्रों के मुताबिक जब एडिशनल एसडीएम से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वहां प्रधानमंत्री आ रहे हैं, सो वह सर्किट हाउस छोड़कर चले गए और कमरे में ताला लगाकर चाभी अपने साथ ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उनसे चाबी ली गई और ताला खोला गया। इसके बाद कमरे की जांच-पड़ताल की गई।
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