झारखंड के हजारीबाग शहर में दो नाबालिग बच्चियों के साथ अत्याचार किए जाने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार शहर के हुरहुरु बाबा पथ मोहल्ले में शुक्रवार को एक महिला ने छह और आठ साल की दो बहनों की पिटाई कर दी। बच्चियों कि सिर्फ यह गलती थी कि महिला के पालतू कुत्ते के साथ खेलते समय कुत्ते को चोट लग गई थी।
बता दें यह दोनों बच्चियां महिला के यहां पर काम करती हैं। बताया जा रहा है कि अपने कुत्ते को चोट लगा हुआ देख मालकिन आग बबूला हो उठी और दोनों बहनों की जमकर पिटाई कर दी। इतना ही नहीं जब आरोपी महिला का जी पिटाई से भी नहीं भरा तो उसने बच्चियों के हाथ-पैर पर ब्लेड चला दिया, जिससे वह लहुलुहान हो गईं।
पुलिस ने आरोपी मालकिन की पहचान आशा चौधरी के रूप में की है। उस पर आरोप है कि पहले उसने दोनों बच्चियों को छड़ी से पीटा फिर बच्चियों के हाथ और पैर पर जगह-जगह ब्लेड से काट दिया। घटना की सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन की टीम ने दोनों बच्चियों को हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद बच्चियों ने सीडब्ल्यूसी के सामने अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर हर कोई दंग है।
बच्चियों ने सीडब्ल्यूसी के सामने बताया कि वह रांची के महुआ टोली की रहने वाली हैं। उनके पिता कुट्टी काटने का काम करते हैं। वह दोनों पिछले दो साल से आशा चौधरी के घर पर घरेलू सहायिका का काम कर रही हैं। पीड़ित बच्चियों का कहना है कि आशा चौधरी उनसे कुत्ते को संभालने, उसकी साफ-सफाई के अलावा घर के अन्य सभी काम करवाती है।
वहीं, उन्हें अपना खाना अलग से खुद बनाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि आशा चौधरी उन्हें खाने में सिर्फ चावल, आलू और नमक देती है। पीड़िताओं ने कहा, 'शुक्रवार को जब खेलते समय कुत्ते को चोट लग गई तो मालकिन गुस्सा गई और हमारी पिटाई शुरू कर दी। रोने की आवाज सुनकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी।'
वहीं, पुलिस ने इस घटना के 28 घंटे बाद मामला दर्ज किया। पुलिस जब तक आशा चौधरी को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची तब वह फरार हो चुकी थी। उसके घर के बाहर ताला लगा हुआ मिला जबकि कुत्ता अंदर बंद था। फिलहाल, पुलिस मामले में आगे के कार्रवाई के साथ ही फरार आरोपी आशा चौधरी की तलाश में जुट गई है। इधर, बच्चियों को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया हौ और उनका इलाज जारी है।