क्या हो जब आपको पता चले कि सांप इसलिए रेंग नहीं सकता है क्योंकि उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई है। उसे किसी ने डंडे से इतना मारा कि उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और वह रेंगने लायक नहीं रहा। मुंबई में इस सांप का ईलाज चल रहा है। इस सांप को रेंगने लायक बनाने के लिए मुंबई के डॉक्टर इलाज में जुट गए हैं । सांप का एमआरआई किया जा रहा है। हरे रंग के बैम्बू पिट वाइपर (जहरीले) सांप को मुंबई के दहिसर से बचाया गया है।
इस सांप का इलाज कर रही पशु चिकित्सक डॉ. दीपा कात्याल ने बताया कि, सांप के शुरुआती एक्स-रे से ज्यादा कुछ साफ नहीं हो पाया है। इसलिए अब इसका एमआरआई किया गया है।' बताया जा रहा है कि सांप मुंबई कि सोसायटी में पहुंच गया था और वहां के लोगों ने डर से उसे इतना मारा कि उसकी रीढ की हड्डी टूट गई। सांप को पकड़ने का वाले अनिल कुबाल ने बताया कि इस जहरीले सांप के एक रिहायशी इलाके में घुसने की जानकारी एक स्थानीय सांप पकड़ने वाले वैभव पाटिल को मिली। जब हमने पाया कि वह रेंगने में असक्षम है तो इसे पशु चिकित्सक के पास ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच में पाया कि सांप की रीढ़ की हड्डी टूट गई है, मगर एमआरआई के बाद में पता चला कि असल में उसकी रीढ़ की हड्डी मुड़ गई है।
इस सांप के इलाज में कई डॉक्टर जुटे हुए हैं। अपनी तरह के अलग मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टर न केवल डरे हुए हैं बल्कि रोमांचित भी हैं। सांप का एमआरआई करने वाले रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रवि थापर ने बताया कि कैसे यह सांप उनके लिए एक अनोखा मरीज है। 'एक सांप का बतौर मरीज हमारे क्लिनिक आना पहले हमें डरा गया लेकिन बाद में हमें रोमांचित कर गया। भरी बात थी। हमने आज तक इंसानों का ही स्कैन किया है। यह पहली बार था कि हमने किसी सांप का स्कैन किया।'
दीपा के साथ ही इस सांप का इलाज कर रहीं डॉ. त्रिशा डिसूजा ने कहा बताया कि इससे पहले सांप के दर्द को कम करने के लिए उसे लेजर ट्रीटमेंट और पेन किलर्स भी दिए गए थे। उन्होंने कहा, 'उसे ट्यूब के जरिए खाना खिलाया जा रहा है। उसकी हालत अब काफी बेहतर है। उसकी बॉडी के निचले हिस्से में हरकत होना शुरू हो गई है।'