सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को व्हाट्सएप इंक ने कहा कि वह भारत में लागू सभी नियमों का पालन किए बिना भुगतान सेवा योजना शुरू नहीं करेगी। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने कंपनी ने यह बात कही।
बेंच ने इस मामले में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। दरअसल एक याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि वह भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को अमेरिकी कंपनी के मौजूदा मॉडल पर यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) में परिचालन पर रोक लगाने का निर्देश दे।
इस बेंच में न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय भी शामिल थे।
मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने अपने आदेश में कहा, ‘‘व्हाट्सएप इंक की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने अपने क्लाइंट की ओर से बयान दिया है कि वे लागू सभी नियमों का अनुपालन किए बिना भुगतान योजना पर आगे नहीं बढ़ेंगे।’’
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और व्हाट्सएप इंक के साथ अन्य को याचिका पर जवाब देने के लिए नोटिस भेजा। पीठ ने इस दौरान कहा कि नोटिस का जवाब तीन सप्ताह के बाद देना है।
दरअसल एक याचिका में दिल्ली की संस्था गुड गवर्नेंस चैंबर्स की तरफ से कहा गया है कि एनपीसीआई ने फरवरी 2018 में व्हाट्सएप इंक को यूपीआई प्रणाली के तहत भुगतान सेवाएं प्रदान करने की अनुमति दी थी।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि व्हाट्सएप इंक ने यूपीआई लेनदेन के लिए एक अलग विशेष एप शुरू नहीं किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि व्हाट्सएप इंक ने यूपीआई लेनदेन के लिए अपने मैसेजिंग एप को यूपीआई की सुविधा से जोड़ा है।