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Meat Ban Row: 'मांस खाने और स्वतंत्रता दिवस मनाने में क्या संबंध?' मीट बैन के आदेश पर सवाल; किसने-क्या कहा?

Wed, 13 Aug 2025 11:05 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

कई राजनेताओं ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर स्वतंत्रता दिवस पर मीट पर प्रतिबंध को लोगों की खान-पान की आजादी पर हमला बताया है। उन्होंने ऐसे फैसले की कड़े शब्दों में आलोचना की है।
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आदित्य ठाकरे, अजित पवार और असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश के कई नगर निकायों की ओर से इस स्वतंत्रता दिवस पर मांस की दुकानों और बूचड़खानों को बंद रखने के आदेश के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। कई राजनेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर इस प्रतिबंध को लोगों की खान-पान की आजादी पर नकेल कसने वाला बताया है। उनका कहना है कि देश अपनी आजादी का जश्न मना रहा है और इस दौरान ही आजादी का हनन हो रहा है।

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असद्द्दीन ओवैसी - फोटो : Amar Ujala
हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम की ओर से 15 और 16 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी) को बूचड़खानों और मांस की दुकानों को बंद रखने के आदेश की आलोचना की। उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि देश में कई नगर निगमों ने 15 अगस्त को बूचड़खानों और मांस की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है। दुर्भाग्य से ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम ने भी ऐसा ही आदेश दिया है। यह कठोर और असंवैधानिक है।' ओवैसी ने कहा, 'मांस खाने और स्वतंत्रता दिवस मनाने के बीच क्या संबंध है? तेलंगाना के 99% लोग मांस खाते हैं। ऐसे फैसले मांस प्रतिबंध लोगों की स्वतंत्रता, निजता, आजीविका, संस्कृति, पोषण और धर्म के अधिकार का उल्लंघन करते हैं।'

अजित पवार - फोटो : Amar Ujala
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में इसी तरह के मांस प्रतिबंध के आदेश पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आपत्ति जताई। अजित ने कहा, 'ऐसा प्रतिबंध लगाना गलत है। बड़े शहरों में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग रहते हैं। अगर यह भावनात्मक मुद्दा है तो लोग इसे एक दिन के लिए स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन अगर आप महाराष्ट्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ऐसे आदेश लगाते हैं तो यह मुश्किल है।'

आदित्य ठाकरे - फोटो : Amar Ujala
मुंबई के पास ठाणे स्थित कल्याण डोंबिवली नगर निगम ने भी ऐसा ही निर्देश जारी किया है। शिवसेना (उद्धव गुट) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि नगर आयुक्त को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। यह तय करना उनका काम नहीं है कि कौन क्या खाए। उन्होंने कहा, 'स्वतंत्रता दिवस पर हम क्या खाते हैं, यह हमारा अधिकार है, हमारी आजादी है। वे हमें यह नहीं बता सकते कि हमें क्या खाना चाहिए। आप हमारे घरों में क्यों घुस रहे हैं? नगर निगम को सड़कों पर गड्ढों जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।'
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एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रवक्ता अरुण सावंत ने कहा कि महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना-राकांपा सरकार ने मांस पर प्रतिबंध को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा, 'विपक्ष राज्य सरकार पर झूठे आरोप लगा रहा है और उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।'
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