ईवीएम पर मचे घमासान के बीच चुनाव आयोग ने इस मशीन के बारे में लोगों की 'गलतफहमी' दूर करने में जुट गया है। इसके अलावा चुनाव के समय अधिक से अधिक मतदान कराने के लिए आयोग ने अपने विशेष प्रयास शुरु कर दिए हैं। इसी संदर्भ में चुनाव आयोग ने मंगलवार को सभी प्रमुख रेडियो न्यूज चैनलों के रेडियो जाकी (आरजे) को ईवीएम के बारे में पूरी जानकारी दी, जिससे वे अपने कार्यक्रमों के जरिये लोगों को इसकी सच्चाई बता सकें।
सभी आरजे को चुनावी प्रक्रिया, ईवीएम, वीवीपैट और मतदान सुनिश्चित कराने के तरीके का पूरा डेमो दिया गया। मंगलवार को चुनाव आयोग में आयोजित इस कार्यक्रम में ऑल इंडिया रेडियो के अलावा रेडियो मिर्ची, रेडियो सिटी और अन्य रेडियो चैनलों सहित कुल 19 समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में सबसे पहले चुनाव आयोग के सचिव एके पाठक ने सभी लोगों को पूरी चुनावी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई मतदाता किस प्रकार यह सुनिश्चित कर सकता है कि मतदाता लिस्ट में उसका नाम जुड़ा हुआ है या नहीं। उन्होंने वीवीपैट यानी ईवीएम से जुड़ी मशीन के बारे में भी जानकारी दी जिससे मतदाता यह जानेगा कि उसका मत उसी दल को मिला है जिसे उसने मतदान किया है।
चुनाव आयोग का यह प्रयास ईवीएम पर फैले भ्रम को दूर करने में मदद करेगा। आयोग का मानना है कि देश के लोकतंत्र की सबसे महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया चुनाव ईवीएम के माध्यम से ही संपन्न होती है, ऐसे में इस पर जनता के मन में किसी भी तरह का संदेह पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। यही कारण है कि आयोग अनेक माध्यमों के जरिए इस भ्रम को दूर करने की कोशिश कर रहा है।