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क्या है कोरोना वायरस, जिससे घबराई है पूरी दुनिया, अबतक 17 की मौत

Sun, 26 Jan 2020 08:03 AM IST
Mohit Mudgal बीबीसी
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कोरोना वायरस - फोटो : ANI
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चीन में नए कोरोनावायरस से बुधवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जबकि संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है और अब तक चीन में इसके करीब 444 मामले सामने आ चुके हैं। सरकारी समाचार पत्र 'चाइना डेली' की खबर के अनुसार इस वायरस के कारण 17 लोगों की मौत हो चुकी है।

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वायरस को लेकर भारत में भी सतर्कता बरती जा रही है। देश के सात हवाईअड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। चीन और हांगकांग से लौटे यात्रियों की थर्मल जांच की जाएगी। खतरा इसलिए भी अधिक बढ़ रहा है, क्योंकि ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी जा सकता है।

चीन में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 444 हो चुकी है। यह नया कोरोनावायरस दिसंबर महीने में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था, लेकिन अब यह चीन की सीमा को पार करके दूसरे देशों में भी पहुंच गया है। ताजा मामलों में यूएस में एक, थाईलैंड में दो और जापान में एक मामला सामने आया है। यूएस वाले मामले में स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यह शख्स चीन के वुहान से अमेरिका आया है।

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क्या है कोरोना वायरस

मरीजों से लिए गए इस वायरस के सैंपल की जांच प्रयोगशाला में की गई है। इसके बाद चीन के अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि यह एक कोरोना वायरस है। कोरोना वायरस कई किस्म के होते हैं लेकिन इनमें से छह को ही लोगों को संक्रमित करने के लिए जाना जाता था। मगर नए वायरस का पता लगने के बाद यह संख्या बढकर सात हो जाएगी।

नए वायरस के जेनेटिक कोड के विश्लेषण से यह पता चलता है कि यह मानवों को संक्रमित करने की क्षमता रखने वाले अन्य कोरोना वायरस की तुलना में 'सार्स' के अधिक निकटवर्ती है। सार्स नाम के कोरोना वायरस को काफी खतरनाक माना जाता है। सार्स के कारण चीन में साल 2002 में 8,098 लोग संक्रमित हुए थे और उनमें से 774 लोगों की मौत हो गई थी।
 

कोरोना वायरस के लक्षण

  •     सिरदर्द
  •     नाक बहना
  •     खांसी
  •     गले में ख़राश
  •     बुखार
  •     अस्वस्थता का अहसास होना
  •     छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना
  •     थकान महसूस करना
  •     निमोनिया, फेफड़ों में सूजन

कितना गंभीर है ये वायरस ?

  • कोरोना वायरस के कारण अमूमन संक्रमित लोगों में सर्दी-जुकाम के लक्षण नजर आते हैं लेकिन असर गंभीर हो तो मौत भी हो सकती है।
  • यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के प्रोफेसर मार्क वूलहाउस का कहना है कि जब हमने ये नया कोरोना वायरस देखा तो हमने जानने की कोशिश की कि इसका असर इतना खतरनाक क्यों है? यह आम सर्दी जैसे लक्षण दिखाने वाला नहीं है, जो कि चिंता की बात है।


कहां से आया नया कोरोना वायरस?

  • यह बिल्कुल नई किस्म का वायरस है। ये एक जीवों की एक प्रजाति से दूसरे प्रजाति में जाते हैं और फिर इंसानों को संक्रमित कर लेते हैं। इस दौरान इनका बिल्कुल पता नहीं चलता।
  • नॉटिंगम यूनिवर्सिटी के एक वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर जोनाथन बॉल के मुताबिक यह बिल्कुल ही नई तरह का कोरोना वायरस है। बहुत हद तक संभव है कि पशुओं से ही इंसानों तक पहुंचा हो।
  • सार्स का वायरस बिल्ली जाति के एक जीव से इंसानों तक पहुंचा था। हालांकि चीन की ओर से अभी तक इस मूल स्रोत के बारे में कुछ भी पुष्ट तौर पर नहीं कहा गया है।
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कैसे फैलता है ये वायरस ?

  • चीन के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं जिससे ये पुष्टि होती है कि यह वायरस एक शख्स से दूसरे को भी होता है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कहने के पीछे वजह ये है कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों में भी संक्रमण के लक्षण नजर आ रहे हैं।
  • इस मौजूदा वायरस को लेकर यही सबसे बड़ा डर है कि इससे सबसे पहले फेफड़े ही प्रभावित हो रहे हैं। इस वायरस का संक्रमण होते ही संक्रमित शख्स को खांसी और नजले की शिकायत हो जाती है।

चीन के अधिकारी इस मामले पर क्या कर रहे हैं?

  • संक्रमित लोगों की एकल कक्ष में रखा गया है और उनकी जांच अकेले में की जा रही है ताकि इस बीमारी को और बढ़ने से रोका जा सके। जिन-जिन जगहों से यात्री गुजरेंगे उन-उन जगहों पर थर्मल स्कैनर्स लगाए गए हैं ताकि जैसे ही किसी के बुखार की पुष्टि हो उसकी जांच की जा सके।
  • इसके अलावा सी-फूड मार्केट को फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया है ताकि सफाई बनी रहे और संक्रमण को कम किया जा सके।
  • यह व्यवस्था केवल चीन में ही नहीं की गई है। चीन के अलावा एशिया के कई दूसरे देशों और अमरीका में भी इस तरह की व्यवस्था की गई है ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके।

विशेषज्ञ कितने परेशान हैं?

  • डॉक्टर गोल्डिंग का कहना है कि फिलहाल तो हमारे पास जो जानकारी है उसके लिहाज से सही-सही ये बता पाना की स्थिति कितनी चिंताजनक, मुश्किल है। उन्होंने कहा कि जब तक हमें इसके स्रोत का एकदम सटीक पता नहीं चल जाता है, तब तक परेशानी बनी ही रहेगी।
  • प्रोफेसर बॉल का कहना है कि हमें हर उस वायरस को लेकर चिंतित होने की जरूरत है जो इंसानों को संक्रमित कर रहा हो, वो भी खासतौर पर पहली बार। क्योंकि उसका इलाज कैसे किया जाना है, रोकना है ये सबकुछ जानने में मुश्किल होती है।

चीन से ही क्यों शुरू हुआ कोरोना वायरस ?

  • प्रोफेसर वूलहाउस का कहना है कि जनसंख्या के आंकड़ों और घनत्व के कारण यहां के लोग जानवरों के संपर्क में जल्दी आ जाते हैं। वो कहते हैं कि कोई हैरानी नहीं है कि चीन में ही आने वाले समय में कुछ ऐसा ही सुनना को मिले।
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