तीनों सेनाओं (थल,वायु,जल) का जनरल। फाइव स्टार रैंक के सामानांतर। ताकि तीनों सेनाओं के बीच में समन्वय को धार देकर आपरेशनल क्षमता में गुणात्मक वृद्धि की जा सके। देश के आजाद होने के बाद तक देश में यह व्यवस्था थी, लेकिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर नेहरू ने सैन्य बल का विकेन्द्रीकरण करके चीफ आफ डिफेंस स्टाफ के पद को समाप्त कर दिया था। कारगिलयुद्ध के बाद बनी कारगिल समीक्षा समिति ने एक बार फिर इस पद को बहाल करने की सिफारिश की थी। इस समिति के चेयरमैन विदेशमंत्री एस जयशंकर के पिता के. सुब्रमण्यम थे।
क्यों की सीडीएस की सिफारिश
कारगिल युद्ध के दौरान वायुसेना और भारतीय सेना के बीच में तालमेल का अभाव साफ दिखाई दिया। वायुसेना के इस्तेमाल पर तत्कालीन वायुसेनाध्यक्ष और सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक की रायजुदा थी। भारतीय सामरिक रणनीतिकारों ने भी इस कमी को महसूस किया और सरकार से पुनः सीडीएस के गठन की सिफारिश की।
अभी क्या है व्ववस्था
भारत सरकार ने तीनों सेनाओं में सबसे वरिष्ठ जनरल को चीफ आफ आर्मी स्टाफ की मंजूरी दी है। तालमेल के बाबत ट्राई सर्विसेज कमान की व्यवस्था है। तीनों सेनाओं की संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस होती है और सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में तीनों सेनाओं के प्रमुख होते हैं। इसके अलावा तालमेल, संयुक्त आपरेशन को बढ़ावा देने के लिए अनेक उपाय किए गए है।