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क्या है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जिसका पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से किया एलान

Thu, 15 Aug 2019 12:50 PM IST
शशिधर पाठक शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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मोदी - फोटो : PTI
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तीनों सेनाओं (थल,वायु,जल) का जनरल। फाइव स्टार रैंक के सामानांतर। ताकि तीनों सेनाओं के बीच में समन्वय को धार देकर आपरेशनल क्षमता में गुणात्मक वृद्धि की जा सके। देश के आजाद होने के बाद तक देश में यह व्यवस्था थी, लेकिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर नेहरू ने सैन्य बल का विकेन्द्रीकरण करके चीफ आफ डिफेंस स्टाफ के पद को समाप्त कर दिया था। कारगिलयुद्ध के बाद बनी कारगिल समीक्षा समिति ने एक बार फिर इस पद को बहाल करने की सिफारिश की थी। इस समिति के चेयरमैन विदेशमंत्री एस जयशंकर के पिता के. सुब्रमण्यम थे।

 

क्यों की सीडीएस की सिफारिश

कारगिल युद्ध के दौरान वायुसेना और भारतीय सेना के बीच में तालमेल का अभाव साफ दिखाई दिया। वायुसेना के इस्तेमाल पर तत्कालीन वायुसेनाध्यक्ष और सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक की रायजुदा थी। भारतीय सामरिक रणनीतिकारों ने भी इस कमी को महसूस किया और सरकार से पुनः सीडीएस के गठन की सिफारिश की।

 

अभी क्या है व्ववस्था

भारत सरकार ने तीनों सेनाओं में सबसे वरिष्ठ जनरल को चीफ आफ आर्मी स्टाफ की मंजूरी दी है। तालमेल के बाबत ट्राई सर्विसेज कमान की व्यवस्था है। तीनों सेनाओं की संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस होती है और सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में तीनों सेनाओं के प्रमुख होते हैं। इसके अलावा तालमेल, संयुक्त आपरेशन को बढ़ावा देने के लिए अनेक उपाय किए गए है।

 

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19 साल तक सीडीएस के गठन पर सरकार ने किया संकोच

तीनों सेनाओं ने लगातार सीडीएस के गठन की मांग की है। रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति ने भी कारगिल सीक्षा समिति की सिफारिश को मजबूती से उठाया, लेकिन केन्द्र सरकार सीडीएस के गठन से परहेज करती रही। करीब 19 साल तक यह सिफारिश ठंडे  बस्ते में पड़ी रही। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर इसका ऐलान कर दिया।

क्यों सरकार कर रही थी परहेज?
भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय के सामने सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न सीडीएस की वैधानिक स्थिति और प्रोटोकॉल को लेकर था। मौजूद तीनों जनरल फोर स्टार और रक्षा सचिव के समकक्ष हैं। ऐसे में जरलों के जनरल का ओहदा क्या हो? क्या वह साढ़े चार या फाइव स्टार जनरल हो? रक्षा सचिव से ऊपर या कैबिनेट सेक्रेटरी के बराबर. का.दर्जा हो? ऐसा होने पर अन्य प्रोटोकॉल की स्थिति फिर क्या हो? 

थल,वायु और नौसेना की सीडीएस पद पर अलग अलग दावेदारी भी आड़े आ रही थी। कुल मिलाकर सरकार रक्षात्मक होकर चल रही थी। भारत सरकार का एक डर और था। वह यह कि कहीं फाइव स्टार जनरल चीफ आफ स्टाफ परिस्थिति विशेष में पाकिस्तान की तरह.सैन्य शासन जैसी पहल न कर दे। पाकिस्तान में वैसे भी कई बार सैन्य शासन हो चुका है। हालांकि पाकिस्तान की तुलना भारतीय जनरल और सैन्यबल हमेशा कहीं अधिक अनुशासित और प्रोफेशनल रहे हैं।
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