इस ब्लैक होल की स्थिति धरती से 5 करोड़ 50 लाख प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। एम87 नाम की गैलेक्सी में पाए गए इस ब्लैक होल का फैलाव 4000 करोड़ वर्ग किलोमीटर तक है।
सूर्य से 650 करोड़ गुना से ज्यादा भारी
यह ब्लैक होल सूर्य से 650 करोड़ गुना ज्यादा भारी है। तस्वीर में ब्लैक होल आग के जलते गोले के समान दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञ इसे गरम गैसों का एक मिश्रण बता रहे हैं।
क्या होता है ब्लैक होल
ब्लैक होल अंतरिक्ष में ऐसी जगह है, जिसमें जाने के बाद कोई चीज बाहर नहीं आती। यहां तक कि प्रकाश भी नहीं। इसके अंग्रेजी नाम का हिंदी में अनुवाद करें तो यह काला छिद्र होगा। मगर यह वास्तव में कोई छिद्र या छेद नहीं है। यह तत्वों का घना मिश्रण माना जाता है, जिससे पैदा होने वाला गुरुत्वाकर्षण बल आसपास मौजूद सभी चीजों को अपनी ओर खींचता है। वैज्ञानिक 18वीं शताब्दी से इसे काला तारा मानकर इसके अस्तित्व को स्वीकारते थे, लेकिन किसी दूरबीन से इसे देखा नहीं जा सका था, न कभी इसकी तस्वीर सामने आई थी।
अंतरिक्ष में कचरा - पृथ्वी की कक्षा में कचरे के करीब 500,000 टुकड़े, नासा का कंप्यूटर चित्रण
- फोटो : NASA
यह ब्लैक होल पृथ्वी से इतना दूर है कि हमें इस तक पहुंचने में 5 करोड़ प्रकाश वर्ष लग जाएंगे। या यूं कहें कि यह हमारी पृथ्वी से 5 मिलियन ट्रिलियन (पांच के आगे 20 बार शून्य लगा लीजिए) किमी दूर है। इस तस्वीर को आठ रेडियो टेलीस्कोप के जरिए तैयार किया गया। इन टेलीस्कोप इवेंट होराइजन के डायरेक्टर शेफर्ड डेअलमैन ने अमेरिका में इस तस्वीर को जारी करते हुए बताया कि यह तस्वीर पृथ्वी से चंद्रमा पर ली गई किसी कंकड़ की तस्वीर है।
1972 में सबसे पहले ब्लैक होल की हुई थी पुष्टि
1972 में सबसे पहले ब्लैक होल की पुष्टि हुई थी। स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल पर इवेंट होराइजन की थ्योरी दी थी। जिसके बाहरी हिस्से को इवेंट होराइजन कहते हैं। इससे निकलने वाली रेडिएशन को हॉकिंग रेडिएशन के नाम से जाना गया।
1915 में जर्मन वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत दिया था, इस सिद्धांत के तहत ब्लैकहोल की गुरुत्वाकर्षण शक्ति इतनी अधिक होती है कि यह आसपास की सभी चीजों को अपने अंदर खींच लेगा।
आइंस्टीन के इस सिद्धांत से ब्लैकहोल के बारे में जानने में बेहद मदद मिली। इससे पहले बताया गया था कि गुरुत्वाकर्षण प्रकाश की गति को प्रभावित करता है।
क्या कहा था हॉकिंग ने
इससे पहले ब्रिटिश वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने 1974 में पहली बार ब्लैक होल से निकलने वाली हॉकिंग रेडिएशन की परिकल्पना की थी। हॉकिंग की पिछले साल ही मौत हो गई थी। स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि ब्लैक होल के अंदर से बाहर निकला जा सकता है। इससे पहले माना जाता था कि ब्लैक होल के अंदर से किसी भी चीज का बाहर निकलना संभव नहीं है। स्टीफन हॉकिंग का यह शोध फिजिकल रिव्यूलेटर्स में प्रकाशित हुआ था