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US Tariffs Impact: ट्रंप के टैरिफ से भारत पर क्या असर; कृषि-ऑटो, दवा क्षेत्र कितने होंगे प्रभावित; जानें सबकुछ

Thu, 03 Apr 2025 05:03 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

घरेलू उद्योग और निर्यातकों ने भारत के निर्यात पर अमेरिका के जवाबी शुल्क के प्रभावों को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि शुल्क वैश्विक बाजारों में वस्तुओं को अप्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।  अमेरिकी टैरिफ का असर हर सेक्टर पर अलग-अलग हो सकता है 
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नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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पूरी दुनिया की निगाहें बुधवार को जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुप्रतीक्षित जवाबी टैरिफ की घोषणा पर लगी रहीं, वहीं भारतीय विशेषज्ञों ने कहा कि इसका देश के कृषि, ऑटोमोबाइल, दवा, स्वर्ण आभूषण जैसे क्षेत्रों पर बड़ा असर हो सकता है। ट्रंप ने कहा, टैरिफ घोषणाएं अमेरिका के लिए मुक्ति दिवस के समान होंगी। भारत-अमेरिका के बीच अभी टैरिफ अंतर विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के विश्लेषण के अनुसार, कृषि में सबसे अधिक प्रभाव मछली, मांस व प्रसंस्कृत समुद्री भोजन क्षेत्र पर पड़ेगा, जिसका 2024 में निर्यात 2.58 अरब डॉलर था और इस क्षेत्र में टैरिफ का अंतर 27.83 प्रतिशत है।

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वहीं, रसायन और दवा क्षेत्र में यह 8.6 प्रतिशत, प्लास्टिक के लिए 5.6, वस्त्र-परिधान 1.4, हीरे, सोने व आभूषणों के लिए 13.3 फीसदी, लोहा, इस्पात और आधार धातुओं के लिए 2.5 प्रतिशत, मशीनरी व कंप्यूटर के लिए 5.3 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 7.2 फीसदी व ऑटोमोबाइल और ऑटो घटकों के लिए टैरिफ का यह अंतर 23.1 फीसदी है।

प्रसंस्कृत खाद्य, चीनी और कोको निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि इसमें टैरिफ अंतर 24.99 प्रतिशत है। पिछले साल इसका निर्यात 1.03 अरब डॉलर था। इसी तरह, अनाज, सब्जियां, फल और मसाले के क्षेत्र में टैरिफ अंतर 5.72 प्रतिशत है। एक निर्यातक ने कहा, टैरिफ अंतर जितना अधिक होगा, संबंधित क्षेत्र उतना ही अधिक प्रभावित हो सकता है।
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सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम, देर रात तक डटे रहे अधिकारी
केंद्र सरकार ने ट्रंप की जवाबी शुल्क की घोषणाओं की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया, जहां वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय समेत अन्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी घोषणाओं पर नजर रखने के लिए देर रात तक वहां मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें- US Tariffs: ट्रंप ने भारत पर लगाया 26% पारस्परिक टैरिफ; PM मोदी को बताया अच्छा दोस्त, कहा- निर्णय मुश्किल रहा 
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वाणिज्य मंत्रालय का इन जवाबी शुल्कों के संभावित नतीजों का आकलन करने के लिए संभावित चार परिदृश्यों पर फोकस है। घरेलू उद्योग व निर्यातकों ने भारत के निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ के असर को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि शुल्क से बाजारों में कई वस्तुएं प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकती हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

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