यूपी के चुनाव कार्यक्रमों का चरणवार एलान करते हुए आयोग ने सियासी नजरिए पर बेशक न गौर फरमाया हो। मगर पश्चिमी यूपी से चुनाव की शुरूआत भाजपा के लिए फलदायी मानी जाती है। पार्टी को उम्मीद है कि इस दफे भी पश्चिचम से शुरू होने वाली चुनावी बयार पूरे यूपी को भगवा रंग में लपेट लेगी। पूर्वी यूपी से शुरू होने वाले चुनावी चरणों की शुरूआत भाजपा के लिए फलदायी नहीं मानी जाती है। जबकि पश्चिमी यूपी से चुनाव के चरण की शुरूआत उसके पक्ष में मानी जाती है।
बीते लोकसभा चुनाव की मिशाल सामने है। मोदी के नेतृत्व में हुए लोकसभा चुनाव 2014 की शुरूआत यूपी में पश्चिमी हिस्से से शुरू हुई थी। सभी आंकलनों को पिछे छोड़ते हुए भाजपा सूबे की 80 लोकसभा सीटों में से 73 को हथियाने में कामयाब रही थी। जबकि विधानसभा चुनाव 2007 और 2012 के चुनाव शुरूआत पर नजर करें तो इन दोनों ही चुनावों में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इन दोनों ही विधानसभा चुनावों में चुनावी चरण की शुरूआत पूर्वी यूपी से हुई थी।
पश्चिमी युपी से चुनाव शुरू किए जाने को लेकर भाजपा में खासा उत्साह है। केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि खेती-किसानी के लिए जिस तरह प्रकृति की पश्विमी हवा अच्छी मानी जाती है। ठीक उसी तरह पश्चिमी यूपी से शुरू होने वाला चुनाव भाजपा के लिए लाभदायक है। बीते लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए बालियान ने कहा कि इस दफे भी पश्चिम से शुरू होने वाली चुनावी हवा भाजपा के पक्ष में पूरब तक जाएगी।