पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर मतदान के बीच मुर्शिदाबाद का नाओदा क्षेत्र चुनावी तनाव का केंद्र बना। शिवनगर गांव में टीएमसी और हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई। कबीर ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने उम्मीदवारों को पैसे देकर मैदान से हटाया, जिससे उनकी पार्टी के उम्मीदवार 142 से घटकर 115 रह गए।
पश्चिम बंगाल में 152 विधानसभा सीटों पर जारी पहले चरण के मतदान के बीच मुर्शिदाबाद का नाओदा क्षेत्र एक बार फिर राजनीतिक टकराव और तनाव का केंद्र बन गया है। मतदान प्रक्रिया के दौरान शिवनगर गांव में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर के बीच तीखी झड़प की खबर ने माहौल को गरमा दिया। आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच स्थिति तेजी से बिगड़ती नजर आई। हुमायूं कबीर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी ने उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को मोटी रकम देकर चुनाव मैदान से हटने के लिए प्रभावित किया, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बता दें कि कबीर, जो पहले मुर्शिदाबाद की भरतपुर सीट से विधायक रह चुके हैं, पिछले साल दिसंबर में टीएमसी से निलंबित कर दिए गए थे। उन्होंने कहा था कि बाबरी जैसी मस्जिद बनाने के बयान के बाद उन्हें पार्टी से हटाया गया। अब उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में वापसी की है।
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एजेयूपी कार्यकर्ताओं ने भी लगाए आरोप