बंगाल के नॉर्थ 24 परगना के एसआईआर सुनवाई शिविरों में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुआ। पुलिस के अनुसार यह प्रदर्शन इसलिए हुआ क्योंकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि जीवित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है, उन्हें मृत दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुबेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि बैदूरिया ब्लॉक ऑफिस में टीएमसी समर्थकों ने हंगामा और उपद्रव किया। वहीं, राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने इसे नकारते हुए कहा कि यह जनता की नाराजगी का प्रदर्शन था।
नाम जानबूझकर मृत दर्शाकर हटाने की साजिश
स्थानीय लोगों का दावा है कि चांदीपुर ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 45 और अटघारा ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 80 के 33 मतदाताओं को 'फॉर्म 7' भरने के लिए कहा गया। पुलिस के अनुसार, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार फॉर्म 7 का उपयोग मृत मतदाताओं के नाम हटाने या डुप्लिकेट नामों को हटाने के लिए किया जाता है। प्रभावित मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उनके नाम जानबूझकर मृत दर्शाकर हटाने की साजिश की जा रही थी।
चुनाव आयोग से कड़ी कार्रवाई की मांग की
पुलिस अधिकारी ने कहा विरोध कर रहे मतदाताओं का कहना है कि यह योजना भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि टीएमसी की कथित साजिश के तहत की जा रही है। स्थानीय लोगों ने चुनाव आयोग से कड़ी कार्रवाई की मांग की। बैदूरिया के BDO पार्था हजरा ने कहा कि कई मतदाताओं ने शिकायतें दी हैं और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा मामले की पड़ताल की जा रही है और शिकायतों को सत्यापित किया जा रहा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने भी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
भाजपा-टीएमसी आमने-सामने
भाजपा नेता सुबेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर कानून व्यवस्था ढीली छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि टीएमसी के 'लम्पेन तत्वों' ने बैदूरिया ब्लॉक ऑफिस में उत्पात मचाया, जैसे पहले फरक्का और चाकुलिया में हुआ था। अधिकारी ने आरोप लगाया कि दुराचारियों ने कार्यालय को क्षतिग्रस्त किया और अधिकारियों को डराया।
टीएमसी के प्रवक्ता देबांशु भट्टाचार्य ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह घटना पार्टी कार्यकर्ताओं की नहीं, बल्कि जनता की बीमारी और भाजपा की कोशिशों के विरोध का नतीजा है। टीएमसी नेता मेहबूब आलम ने भी कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के चलते भाजपा जीवित मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रच रही है, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं होगा। उन्होंने बताया कि 33 प्रभावित मतदाता अपनी शिकायतें बैदूरिया पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएंगे।
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