टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने बंगाल की वोटर लिस्ट में बाहरी राज्यों से फॉर्म-छह के जरिए नाम जोड़ने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरा है और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग से जवाब मांगा और पारदर्शिता की मांग की।
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में फॉर्म-6 जमा कराए जा रहे हैं, जिससे बंगाल के मतदाताओं के अधिकारों से छेड़छाड़ हो सकती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।
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अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक संगठित कोशिश लग रही है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह सब उसकी जानकारी में हो रहा है और चुनाव आयोग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को जानने का अधिकार है कि उनके वोट के साथ क्या हो रहा है।
क्या है फॉर्म-6 और क्यों उठा विवाद?
आगे बताया गया कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल नए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए किया जाता है। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि कई जिलों से ऐसी रिपोर्ट मिली है कि अचानक बड़ी संख्या में फॉर्म-6 आवेदन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनमें कई ऐसे लोग हो सकते हैं, जिनका बंगाल से कोई संबंध नहीं है, न वे यहां रहते हैं और न काम करते हैं।
क्या सबूतों को लेकर भी उठे सवाल?
अभिषेक बनर्जी ने एक कथित वीडियो क्लिप का जिक्र किया, जिसमें बड़ी संख्या में फॉर्म जमा होते दिखाए गए हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के दृश्य यह सवाल उठाते हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में आवेदन क्यों आ रहे हैं और इसके पीछे मंशा क्या है।
क्या चुनाव आयोग से जवाब मांगा गया?
अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने चुनाव आयोग से जवाब मांगा और कहा कि यह मामला निष्पक्ष चुनाव से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए और जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
क्या यह सिर्फ राजनीति या बड़ा मुद्दा है?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह केवल राजनीति का मामला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में ऐसा कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य को ऐसे रास्ते पर नहीं जाने दिया जाएगा, जैसा अन्य राज्यों में देखने को मिला है।