तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का एलान कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन को लेकर कई अहम फैसले हुए। पार्टी ने अपनी टीम में नए और पुराने चेहरों को जगह दी है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में कई अहम निर्णय
अभिषेक बनर्जी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बने रहेंगे। उनकी सहायता के लिए डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बनाया गया है। पश्चिम बंगाल इकाई की कमान अब चंद्रिमा भट्टाचार्य संभालेंगी। उन्होंने बीमार सुब्रत बख्शी की जगह ली है। सजदा अहमद और नैना बंद्योपाध्याय को राज्य में पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
पार्टी ने अलग-अलग विंग के अध्यक्षों के नाम भी तय कर दिए हैं। सायोनी घोष युवा टीएमसी की अध्यक्ष बनी रहेंगी। माला रॉय को अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस और प्रियंका अधिकारी को छात्र विंग की जिम्मेदारी मिली है। प्रवक्ताओं की टीम में डेरेक ओ'ब्रायन और कल्याण बनर्जी को राष्ट्रीय स्तर पर रखा गया है। कुणाल घोष राज्य प्रवक्ता की भूमिका निभाएंगे। टीएमसी अब दूसरे राज्यों से मिले सुझावों के आधार पर वहां भी नई कमेटियां बनाएगी। पार्टी का लक्ष्य इन बदलावों के साथ संगठन को और मजबूत करना है।
रिपोर्ट्स में किये जा रहे अपुष्ट दावे
हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अपुष्ट दावे किये जा रहा है कि बैठक में कई सांसद-विधायक अनुपस्थित रहे। लेकिन बैठक के बाद टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा, 'आज TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी की अगुवाई में एक बैठक हुई। इसमें लगभग 99 प्रतिशत सदस्य शामिल हुए। कुछ लोग आमने-सामने मौजूद थे, तो कुछ अलग-अलग जगहों और दूसरे राज्यों से वर्चुअली जुड़े थे। जो लोग दिल्ली या दूसरी जगहों पर हैं, वे भी ममता बनर्जी के संपर्क में हैं।
बता दें कि चुनावी नतीजों के बाद से ही पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल का दौर जारी है। राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में टूट को लेकर अटकलों का दौर तेज है। कहा जा रहा है कि पहले जो विवाद टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उभरा था, वह अब विधायकों और शीर्ष नेताओं के बीच पहुंच चुका है। खासकर टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी बताई जा रही है।
बैठक में कौन हुआ शामिल?
बैठक में ममता बनर्जी के घर पर टीएमसी बैठक में आठ विधायक और छह सांसद पहुंचे। घर पर मौजूद नेताओं में विधायक बीना मंडल, आशिमा पात्रा, मदन मित्रा, कुणाल घोष, फिरहाद हकीम, सोभनदेब चट्टोपाध्याय, बिमान बनर्जी और अशोक कुमार देब शामिल थे। मौजूद सांसद के डेलीगेशन में डोला सेन, माला रॉय, कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और सुदीप बंद्योपाध्याय शामिल थे।
बैठक क्या बोले कल्याण बनर्जी?
मीटिंग के बाद, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल असेंबली में विपक्ष के नेता के तौर पर रीताब्रत बनर्जी की नियुक्ति को गैर-कानूनी बताया। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी इस नियुक्ति की कानूनी वैधता को चुनौती देने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट जाने को कहा। बनर्जी ने रिपोर्टर्स से कहा, हमने तय किया है कि स्पीकर का अपॉइंट किया गया LoP गैर-कानूनी है। हम इसके खिलाफ सोमवार को कोर्ट जा रहे हैं। हम हाई कोर्ट में एक पिटीशन फाइल करेंगे।
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कल्याण बनर्जी ने भाजपा पर टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या और झूठे केस दर्ज कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी इसके खिलाफ कोर्ट और सड़कों पर लड़ाई लड़ेगी। पार्टी में यह हलचल बागी विधायकों के कारण शुरू हुई है। ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा के नेतृत्व वाले गुट का दावा है कि उन्हें 58 विधायकों का समर्थन हासिल है। यह संख्या कुल विधायकों की दो-तिहाई से अधिक है। ऋतब्रत का कहना है कि स्पीकर ने उनके दावे को स्वीकार कर लिया है। उन्हें सदन में मुख्य विपक्ष की मान्यता मिल गई है। बागी गुट चाहता है कि ममता बनर्जी उनकी मुख्य सलाहकार के रूप में काम करें। उनका कहना है कि वे नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ रहे हैं।