पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मिशन बंगाल मोड में नजर आ रही भारतीय जनता पार्टी युद्धस्तर पर अपनी तैयारियां करती दिख रही है। वहीं ममता बनर्जी ने भी अपनी जीत सुनिश्चित करने क लिए कमर कस ली है। ममता आए दिन रैलियों के माध्यम से हुंकार भर रही हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद अब पार्टी के एक दिग्गज नेता ने विधानसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। इसे टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में बर्धमान सीट से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 79 वर्षीय विधायक डी. रबीरंजन चट्टोपाध्याय ने बुधवार को कहा कि वह अपनी उम्र और सेहत संबंधी मसलों की वजह से आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।चट्टोपाध्याय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी और लगातार दो कार्यकाल के लिए सेवा करने का मौका देने के वास्ते उनका आभार जताया। वरिष्ठ नेता तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री भी रह चुके हैं। बंगाल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं।
नड्डा के बयान पर ममता का पलटवार
पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ करने के दौरान ममता पर निशाना साधा। जेपी नड्डा ने कहा कि ममता राज्य में बंगाल की संस्कृति खतरे में है, इसलिए लोग परिवर्तन चाहते हैं। वहीं जेपी नड्डा के इस बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जिन्हें बंगाल की संस्कृति, इतिहास के बारे में पता नहीं है, वे बता रहे हैं कि उसकी रक्षा कैसे की जाए । वे लोगों को गुमराह करने और झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं।