पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) मुख्यालय का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने बुधवार को 40 घंटे बाद एसएससी अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार को कार्यालय से बाहर निकलने की अनुमति दी। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट में शारीरिक रूप से उपस्थित होना था। हालांकि, शिक्षकों ने साफ किया कि कार्यालय वापस लौटने पर मजूमदार का फिर से घेराव किया जाएगा।
अपनी मांगों को लेकर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) मुख्यालय का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारी शिक्षकों का चौथे दिन भी धरना जारी है। हालांकि, शिक्षकों ने बुधवार को 40 घंटे बाद एसएससी अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार को कार्यालय से बाहर जाने दिया। मजूमदार 2016 एसएससी भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट पेश करने से संबंधित सुनवाई के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में पेश हुए। इससे पहले दिन में, एसएससी अध्यक्ष मजूमदार ने कहा कि वह घर लौट आए हैं। अदालती कार्यवाही में शामिल होने से पहले कुछ समय वह आराम करेंगे।
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बता दें कि लगभग 2,000 शिक्षकों ने 21 अप्रैल की दोपहर दो बजे धरना प्रदर्शन शुरू किया था। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक धरना जारी रहेगा। करीब 500 शिक्षक बुधवार शाम को भी धरना स्थल पर मौजूद रहे।
कार्यालय लौटने पर मजूमदार का फिर करेंगे घेराव
डिजर्विंग टीचर्स फोरम से जुड़े प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा कि मजूमदार को उनके कार्यालय से जाने की अनुमति इसलिए दी गई, क्योंकि उन्हें अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित होना था। इसके अलावा, स्वास्थ्य कारणों के चलते भी उन्हें कुछ राहत दी गई। उन्होंने कहा कि हमारा धरना हमेशा की तरह जारी रहेगा। एसएससी अध्यक्ष मजूमदार के कार्यालय लौटने पर उनका फिर से घेराव किया जाएगा।
डीआई कार्यालयों को भेजी सूची में छूटे 10-11 नाम
डिजर्विंग टीचर्स फोरम के नेता धृतिश मंडल ने दावा किया कि बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआई) के कार्यालयों को बेदाग शिक्षकों की एक सूची भेजी गई, जिसमें फोरम के 10-11 सदस्यों के नाम शामिल नहीं थे। सूची में छूटे सभी शिक्षक योग्य हैं। मंडल ने बताया कि एसएससी अध्यक्ष ने कहा है कि शिक्षकों का नाम तकनीकी त्रुटि के चलते छूटा है। छूटे हुए शिक्षकों के नामों के साथ एक नई सूची एक-दो दिन में फिर से भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन पात्र शिक्षकों के नाम सूची में नहीं थे, उनमें चिन्मय मंडल भी हैं। चिन्मय ने पिछले दिनों फोरम के सदस्यों, WBSSC और शिक्षा मंत्री के बीच हुई बातचीत में भी भाग लिया था।
बेदाग शिक्षकों को फिर से बहाल करने की मांग
3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंगाल के 26,000 शिक्षक बेरोजगार हो गए थे। इनमें से लगभग 500 शिक्षकों ने बुधवार को तीसरे दिन भी एसएससी कार्यालय के बाहर धरना दिया। उनकी मांग है कि बेदाग शिक्षकों को फिर से बहाल किया जाए और 2016 की एसएससी भर्ती परीक्षा में दागी पाए गए 1,000 से अधिक उम्मीदवारों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।