बंगाल के मामले में एनआईए की कार्रवाई तेज (सांकेतिक)
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पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक विशेष अभियान में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को पिछले महीने हुए सड़क अवरोधन और राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे न्यायाधीशों की अवैध हिरासत के संबंध में 15 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। एनआईए अधिकारियों के मुताबिक मालदा के कालियाचक और मोथाबाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तारियां की गई। एनआईए के अनुसार, मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामले में अब तक कुल 68 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सर्वोच्च अदालत ने लिया था स्वतः संज्ञान...
सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन कृत्यों का स्वतः संज्ञान लेने के बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जांच का जिम्मा संभालने वाली एनआईए ने मालदा जिले में एक व्यापक अभियान चलाया। दो अलग-अलग मामलों में सड़क रोकने और ड्यूटी पर तैनात न्यायिक अधिकारियों की अवैध हिरासत में शामिल होने के आरोप में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
महिला न्यायिक अधिकारी 8 घंटे तक बंधक...
एनआईए के मुताबिक, मुख्य आरोपी जोशम एसके और अस्माउल एसके सहित 12 लोगों को हैबटोला और अमलीटोला के बीच सड़क पर एक महिला न्यायिक अधिकारी को लगभग 8 घंटे तक बंधक बनाकर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने रास्ता रोका और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य में बाधा पहुंचाई।
बागमारा पुल पर रोक दी थी आवाजाही...
मोथाबारी ब्लॉक में बागमारा पुल को अवरुद्ध करने के संबंध में आलमगीर एसके, नूरुल इस्लाम और हबीबुर रहमान सहित तीन अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने पहले वहां पर हंगामा किया और उसके बाद पुल को बंद कर दिया। इन घटनाओं में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। एनआईए समन्वित नाकाबंदी और न्यायाधीशों की हिरासत के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है।