सूत्रों के अनुसार, लगभग 250 सदस्य होटलों वाले मालदा होटल ओनर्स एसोसिएशन की ओर से बांग्लादेशी नागरिकों को ठहराने पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित किए जाने की संभावना है।
बांग्लादेश में भड़की हिंसा में अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाए जाने पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। देश के कई हिस्सों में बांग्लादेश हिंसा के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल के होटल व्यवसायियों के एक संगठन ने पड़ोसी देश में राजनीतिक उथल-पुथल को देखते हुए सिलीगुड़ी और उसके आसपास के इलाकों में बांग्लादेशियों को ठहराने पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।
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ग्रेटर सिलीगुड़ी होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से जारी एक हालिया नोटिस के मुताबिक यह फैसला उन घटनाओं से जुड़ा है जिन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव पैदा किया है। इनमें भारतीय ध्वज का कथित अनादर और बांग्लादेशी नागरिकों के एक वर्ग की ओर से भड़काऊ बयान दिया जाना शामिल हैं।
'नहीं देंगे बांग्लादेशियों को होटल में प्रवेश'
होटल व्यवसायियों के संगठन ने कहा कि यह कदम मौजूदा संवेदनशील माहौल में मेहमानों और होटल कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। संगठन के एक पदाधिकारी ने कहा कि संगठन के सदस्य अगली सूचना तक बांग्लादेशी नागरिकों को प्रवेश की अनुमति नहीं देंगे।
'हालात सुधरेंगे, तभी बहाल होगी सुविधा'
उत्तरी बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब और रणनीतिक रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास स्थित सिलीगुड़ी पर्यटक, चिकित्सा और छात्र वीजा पर भारत की यात्रा करने वाले बांग्लादेशी आगंतुकों के लिए एक प्रमुख प्रवेश बिंदु रहा है। एसोसिएशन ने कहा कि स्थिति में हो रहे बदलावों के आधार पर प्रतिबंध की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और हालात सुरक्षित और सम्मानजनक माने जाने पर आवास सुविधाओं को फिर से शुरू करने की संभावना है।
संगठन ने सदस्य होटलों से आग्रह किया कि वे संघ भर में एकरूपता और एकजुटता बनाए रखने के निर्णय का सख्ती से पालन करें। सूत्रों ने बताया कि इस एसोसिएशन के सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में लगभग 180 सदस्य होटल हैं, जिनमें से सभी इस फैसले का पालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के सदस्य न होने वाले करीब 50 अन्य होटलों ने भी स्वेच्छा से इस प्रतिबंध का पालन करना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के होटल मालिक भी इसी तरह का कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।