पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जुल्म का शिकार हुई दो दुष्कर्म पीड़िताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एक 60 वर्षीय महिला और एक नाबालिग पीड़िता ने याचिका दायर कर हिंसा और पुलिस की निष्क्रियता की जांच कोर्ट की निगरानी में एसआईटी से कराने की मांग की है।
अनुसूचित जाति की 17 वर्षीय लड़की ने का नौ मई को तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई से कराने तथा मामले की सुनवाई को पश्चिम बंगाल से बाहर हस्तांतरित करने की मांग की है।
पीड़िता का कहना है कि प्रदेश में उसकी और उसके परिवार को जान का खतरा है। नाबालिग लड़की का आरोप है कि न केवल उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और जंगल में मरने के लिए छोड़ दिया गया बल्कि अगले दिन स्थानीय तृणमूल नेता बहादुर एसके ने घर आकर धमकी दी।