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माता-पिता से एक वादा लेकर बाल विवाह रोक रहा है पश्चिम बंगाल का ये स्कूल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Mon, 11 Mar 2019 09:22 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

बांग्लादेश की सीमा के पास स्थित पश्चिम बंगाल के स्कूल में एक अनोखी पहल चल रही है। ये पहल बाल विवाह को खत्म करने के लिए शुरू की गई है। बाल विवाह को जड़ से खत्म करने के लिए बच्चों के माता-पिता से एक वादा लिया जा रहा है। मुर्शिदाबाद के लालगोला के लश्करपुर हाई स्कूल में इसके लिए बकायदा एक पृष्ठ पर अभिभावक का शपथ पत्र भरवाया जा रहा है।



जिसपर लिखा है, "मैं अपनी बेटी की शादी तब तक नहीं करुंगा/करुंगी, जब तक उसकी आयु 18 साल नहीं हो जाती। वो स्कूल ड्रॉपआउट नहीं कहलाएगी। मैं उसे शिक्षित करूंगा/करुंगी और जब वो 18 साल की हो जाएगी, तो मैं उसकी शादी करूंगा/करुंगी।"


इस पहल के पीछे शिक्षकों का उद्देश्य ड्रॉपआउट स्तर को रोकना, लड़कियों को सशक्त करना और बाल विवाह को खत्म करना है। इस एक पेज के उपक्रम पर बीते महीने से अब तक 1800 माता-पिता ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। यहां 22 गांवों से कुल 3205 छात्र आते हैं। जिनमें से 1957 लड़कियां हैं।


राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रिपोर्ट आने के बाद इस पहल को शुरू किया गया है। ये रिपोर्ट नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 पर आधारित है। जिसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल बाल विवाह के मामले में सभी राज्यों से आगे है। यहां 15-19 साल की 25.6 फीसदी लड़कियों की शादी हो जाती है।


ये राज्य इस मामले में राजस्थान से भी आगे है, जहां सदियों से बाल विवाह जैसी प्रथा प्रचलित है। एनएफएचएस-4 में जिला स्तर पर विश्लेषण करने पर पता चला है कि बंगाल के मुर्शिदाबाद में सबसे अधिक 39.9 फीसदी बाल विवाह होते हैं।


अब बंगाल जैसे राज्यों में बाल विवाह की दर लगातार बढ़ती जा रही है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 (एनएफएचएस-4)  साल 2015-16 में हुआ है। बाल विवाह के लिए राष्ट्रीय औसत 15-19 वर्ष की सभी लड़कियों का 11.9 फीसदी है।


लश्करपुर स्कूल के हेडमास्टर का कहना है कि यह जागरुक करने की एक प्रक्रिया का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी भी माता-पिता पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव नहीं बनाया जा रहा है। जो हस्ताक्षर करने के लिए मना कर रहे हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की जा रही। लेकिन अभी तक ऐसा कोई माता-पिता नहीं है जिन्होंने हस्ताक्षर करने से मना किया है।

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