पश्चिम बंगाल में एक बेहतरीन कदम उठाते हुए निजी बस ऑपरेटरों के संघ ने ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए दो सीटें आरक्षित करने का फैसला किया है। इसकी जानकारी एक अधिकारी ने सोमवार को दी।
ज्वाइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट्स के महासचिव तपन बनर्जी ने कहा कि संगठन से जुड़ी हर बस में दो सीटों को ‘त्रिधारा’ के रूप में चिह्नित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लगभग 35,000-40,000 बसें एसोसिएशन से जुड़ी हुई हैं।
बनर्जी ने कहा, ‘यह केवल दो सीटों को चिह्नित करने के बारे में नहीं है, बल्कि ट्रांसजेंडर लोगों को पहचानने और यात्रियों के बीच उन्हें समान व्यवहार करने के लिए जागरूकता पैदा करने को लेकर उठाया गया कदम है।’
उन्होंने कहा कि शहर में कुछ मार्गों पर सीटों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और ऐसा परिषद से जुड़ी सभी बसों में किया जाएगा। बनर्जी ने कहा, ‘यह बसों के कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों को भी तीसरे लिंग के लोगों के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करने के लिए जागरूक करेगा।’
उन्होंने राज्य परिवहन उपक्रमों और अन्य निजी ऑपरेटरों से प्रत्येक बस में ट्रांसजेंडरों के लिए दो सीटें आरक्षित रखने के प्रयास में शामिल होने का आग्रह किया।