पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी के बीच गठबंधन का एलान हो गया है। इस दौरान कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ओवैसी ने कहा कि टीएमसी ने मुस्लिम वोट लेकर समुदाय के लिए कुछ खास नहीं किया।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन का औपचारिक एलान करते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोग घुटन महसूस कर रहे हैं और उनकी पार्टी उन्हें एक नया विकल्प देने के लिए तैयार है। कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा 'बंगाल में अल्पसंख्यकों का विकास एक बड़ा मुद्दा है, खासकर ऐसे समय में जब अगले महीने यहां चुनाव होने वाले हैं।'
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या बोले ओवैसी?
एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि राज्य में कमजोर वर्गों का शोषण हो रहा है और इसे रोकने के लिए एआईएमआईएम और AJUP (आम जनता उन्नयन पार्टी) मिलकर काम करेंगे। ओवैसी ने कहा, 'हम बंगाल के कमजोर तबकों के शोषण को रोकने के लिए हुमायूं कबीर के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और जनता को वह विकल्प देंगे जिसकी उन्हें तलाश है।'
असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मुस्लिम वोट तो हासिल किए, लेकिन मुस्लिम समुदाय के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। ओवैसी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी को आगे बढ़ने में मदद की है।
ओवैसी ने कहा, 'हमारा गठबंधन पश्चिम बंगाल में कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए है। साथ ही हम मुस्लिम नेतृत्व को मजबूत करने की भी कोशिश करेंगे।'
ओवैसी ने यह भी कहा कि राज्य में अल्पसंख्यकों का विकास एक बड़ा मुद्दा है। जब उनसे पूछा गया कि उनकी पार्टी की मौजूदगी से क्या बीजेपी को फायदा होगा, तो ओवैसी ने कहा, 'लोकतंत्र में लोगों को अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने की आजादी है।'
हुमायूं कबीर बोले- हमारा गठबंधन सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है
वहीं आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर ने बताया कि एआईएमआईएम के साथ उनका गठबंधन विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं आता है, तो यह गठबंधन सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे।