पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को केंद्र ने दिल्ली बुला लिया है। बतौर मुख्य सचिव उनका कार्यकाल खत्म हो गया था, लेकिन चार दिन पहले ही ममता सरकार ने तीन महीने के लिए उनका कार्यकाल बढ़ा दिया था। अलपन बंदोपाध्याय को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। इस पर कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने निशाना साधा।
शाह बोले- दीदी का अहंकार जनकल्याण से ऊपर
गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ही ट्वीट किया, "ममता दीदी का आज का आचरण दुर्भाग्यपूर्ण रहा। चक्रवात यास से प्रभावित लोगों की मदद करना समय की मांग है, लेकिन दुख की बात है कि दीदी ने अहंकार को जनकल्याण से ऊपर रखा। उनका आज का तुच्छ व्यवहार यही दर्शाता है।
चक्रवाती तूफान की से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के कलाईकोंडा में बैठक की थी। इस बैठक में ममता बनर्जी से देरी से पहुंचीं। यही नहीं, उन्होंने 20 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की रिपोर्ट दी और ये कहते हुए वापस चली गईं कि उन्हें दूसरी मीटिंग्स में भी शामिल होना है। वहीं, मीटिंग में देरी से पहुंचने पर ममता बनर्जी के ऑफिस की तरफ से कहा गया कि पीएम मोदी को कलाईकोंडा पहुंचने में 20 मिनट से ज्यादा का वक्त लगने वाला था। इसलिए उनसे भी 20 मिनट देरी से आने को कहा गया।