पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी को चोट लगने के बाद सियासत तेज हो गई है। बंगाल पुलिस ने जहां मुख्यमंत्री ममता को चोट लगने के मामले में बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज कर ली है, वहीं टीएमसी नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है।
टीएमसी नेताओं ने कहा, सीएम की सुरक्षा की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है और वह इसमें नाकाम रहा। टीएमसी ने आयोग पर भाजपा के इशारे पर ममता को सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा के नेता भी आयोग से मिले और सच को सामने लाने के लिए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
टीएमसी नेता शेख सूफियान की शिकायत पर पूर्व मेदिनीपुर जिला पुलिस ने धारा 341 और 323 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस पहले से ही इस मामले में जांच कर रही है और सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। साथ ही जिला मजिस्ट्रेट विभु गोयल, पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश और अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा भी किया है।
उधर, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने सीबीआई जांच की मांग की है। घोष ने कहा, इस बात की जांच की जरूरत है कि यह घटना वोट हासिल करने के लिए ‘रचा गया नाटक’ तो नहीं है। क्योंकि राज्य के लोगों ने पहले भी इस प्रकार का नाटक देखा है। इसलिए यह जांच का विषय है कि वास्तव में हुआ क्या है। आखिर ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति पर हमला हुआ कैसे?
ममता का संदेश, व्हीलचेयर पर सही जल्द प्रचार में लौटूंगी
ममता बनर्जी ने वहीं अस्पताल से एक वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, वह बहुत जल्द चुनाव प्रचार में लौटेंगी फिर चाहें व्हीलचेयर पर ही क्यों न आना पड़े। ममता एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर है। उनके बाएं पांव की एड़ी व पंजे, कमर, दाएं कंधे, बांह व गर्दन में चोट आई है।
अस्पताल से जारी बुलेटिन के मुताबिक, उनके खून में सोडियम की मात्रा कम हो गई है, डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। फिलहाल उनका कोई ऑपरेशन करने की जरूरत नहीं है।