पश्चिम बंगाल के मोयना के भाजपा बूथ अध्यक्ष बिजयकृष्ण भुइयां की हत्या के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। व्यक्ति की पहचान स्थानीय नेता के तौर पर की गई है। पुलिस ने उसे पुर्व मेदिनीपुर जिले के सदमपुर के एक ठिकाने से पकड़ा।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के तहत की गई हत्या
भुनिया के परिवारवालों ने हत्या के मामले में मोयना पुलिस स्टेशन में 34 लोगों के नाम पर शिकायत दर्ज कराई थी। ये व्यक्ति उन्हीं लोगों में से एक था। पुर्व मेदिनीपुर जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के तहत की गई थी। इस मामले में जिस व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई है वह एक राजनीतिक पार्टी का सक्रिय नेता है। वह अपने ही किसी रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ था।
भुइयां को उनकी पत्नी के सामने ही कुछ टीएमसी के गुंडो ने सोमवार की शाम को पीटाई करते हुए जबरदस्ती घर से बाहर मोटरबाइक पर ले गए थे। सोमवार की ही देर रात को उनका मृत शरीर घर से कुछ दूरी पर मिला। उनके सिर पर चोट के निशान भी थे।
भुइयां के मृत शरीर का दूसरी बार पोस्ट मार्टम करने का आदेश
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में सीबीआई की जांच की मांग की है। हालांकि, टीएमसी ने भाजपा द्वारा लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे राजनीतिकरण करने का प्रयास बताया।
कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार भुइयां के मृत शरीर को दूसरी बार शव परीक्षण के लिए मोयना अस्पताल से कोलकाता के कमांड अस्पताल लाया गया। न्यायाधीश राजशेखर मंथा ने बुधवार को आदेश दिया कि भुइयां के शव का पोस्ट मार्टम कमांड अस्पताल में कराया जाएगा। यह अस्पताल रक्षा मंत्रालय के अंदर आता है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष ने किया निरिक्षण
मोयना में भगवा खेमे का काफी प्रभाव है। पूर्व क्रिकेटर और भाजपा के नेता अशोक डिंडा इसी क्षेत्र से एमएलए है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने शव मिलने वाली जगह का दिन में निरिक्षण किया। वह उस व्यक्ति के और मृतक भुइयां के परिवारवालों और गांववालों से भी मुलाकात की। हलदर ने बताया कि उनके इस दौरे के दौरान एसपी या डीएम की जगह केवल स्थानीय पुलिस स्टेशन के अधिकारी ही मौजूद थे।