पश्चिम बंगाल में अगले महीने पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इसके मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग को ई-मेल से भेजे गए नामांकन पत्रों को स्वीकार करने का निर्देश देने की एक याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को कोई आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वह चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार ने माकपा की ओर से दायर इस आशय की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा निर्देश देने लायक कोई विशेष परिस्थिति पैदा नहीं हुई है।
जज ने कहा कि अदालत पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर अपने विचार जता चुकी है और अब इस याचिका के आधार पर वह हस्तक्षेप नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति तालुकदार ने इससे पहले भाजपा, माकपा व कांग्रेस की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद नामांकन पत्र दाखिल करने की बढ़ी समय सीमा वापस लेने के चुनाव आयोग के फैसले को खारिज करते हुए उसे इसके लिए एक नई अधिसूचना जारी करने को कहा था।
अदालत ने आयोग से पंचायत चुनाव के लिए नई तारीखों का एलान करने और उसी आधार पर चुनाव कराने को कहा है। माकपा की ओर से बुधवार को दायर याचिका पर बहस करते हुए वरिष्ठ एडवोकेट विकास रंजन भट्टाचार्य ने अदालत में दलील दी कि सूचना तकनीक अधिनियम के तहत ई-मेल के जरिए फार्म जमा किए जा सकते हैं। ऐसे में राज्य चुनाव आयोग को ई-मेल से भेजे गए नामांकन पत्रों को स्वीकार करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।