भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
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भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर बिजली उपभोक्ताओं को लूटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने टैरिफ दर में वृद्धि न करके मौजूदा स्लैब को बदल दिया है, जिससे गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को अधिक बिल का भुगतान करना पड़ेगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (डब्ल्यूबीएसईडीसीएल) के इस फैसले को उपभोक्ताओं से अधिक वसूलने के लिए चतुर और चालाक कदम बताया। उन्होंने कहा कि टैरिफ स्लैब को पुनर्व्यवस्थित करने से 300 यूनिट की खपत के लिए बिल में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उपभोक्ताओं को अलग-अलग स्लैब संरचनाएं प्राप्त हो रहीं
भाजपा नेता अधिकारी ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि मई-जुलाई अवधि के लिए त्रैमासिक बिजली बिलों के लिए संशोधित टैरिफ स्लैब में विसंगतियां सामने आई हैं, जिसमें उपभोक्ताओं को अलग-अलग स्लैब संरचनाएं प्राप्त हो रही हैं। संभावित प्रभाव को स्पष्ट करने के लिए, अधिकारी ने संशोधित टैरिफ स्लैब के आधार पर दो उदाहरण दिए।
पहले 300 यूनिट पर 1948 अब 2351 रुपए बिल देना होगा
उन्होंने एक्स पर लिखा, जहां बिजली की खपत 300 यूनिट है। उपभोक्ताओं को पुराने स्लैब के अनुसार 1,948.60 रुपए का भुगतान करना होगा, लेकिन स्लैब पुनर्व्यवस्थित होने पर उपभोक्ताओं को 2,351.18 रुपए का भुगतान करना होगा। इसी तरह, जहां खपत 1000 यूनिट है, उपभोक्ताओं को पुराने स्लैब के तहत 7,456.04 रुपए का भुगतान करना होगा, लेकिन अब उन्हें 8,805.18 रुपए का बिल देना होगा। संपर्क करने पर न तो राज्य के बिजली सचिव शांतनु बसु और न ही डब्ल्यूबीएसईडीसीएल के प्रवक्ता ने आरोप का जवाब दिया।