पश्चिम बंगाल में कोविड-19 मामलों के अचानक बढ़ने के मद्देनजर कलकत्ता विश्वविद्यालय ने 45 साल से अधिक उम्र के अपने सभी कर्मचारियों को टीका लगवाने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।
यह है विश्वविद्यालय की योजना
कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी ने शनिवार (24 अप्रैल) को बताया कि कोरोना का यह वैरिएंट बेहद संक्रामक है। ऐसे में इससे बचने के लिए जरूरी है कि 45 वर्ष से अधिक के कर्मचारियों को इसका जोखिम नहीं हो। कुलपति ने कहा कि टीकाकरण अभियान के लिए निधि विश्वविद्यालय उपलब्ध कराएगा और यह दो परिसरों में होगा।
पहला केंद्र राजा बाजार साइंस कॉलेज में बनाया जाएगा, जहां 27 और 30 अप्रैल को टीकाकरण होगा। वहीं, दूसरा केंद्र बालीगंज साइंस कॉलेज कैंपस होगा, जहां 28 और 29 अप्रैल को टीकाकरण होगा। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने कहा कि टीका लगवाने के लिए सबको व्यक्तिगत तौर पर सहमति देनी होगी।
इस वजह से लिया गया फैसला
विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि कलकत्ता विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल का एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय है, जिसने अपने कर्मचारियों के लिए पूर्ण टीकाकरण अभियान को चुना है। प्रवक्ता ने कहा, 'कक्षाएं ऑनलाइन हो रही हैं लेकिन कुछ कर्मचारियों को प्रशासनिक एवं अन्य कार्यों के लिए आना पड़ता है। हमने कोरोना वायरस के दोबारा प्रसार के बाद आने वाले कर्मचारियों की संख्या आधी कर दी है लेकिन प्रशासनिक कार्यों के लिए हम कार्यालय को बंद रखने का जोखिम नहीं ले सकते हैं।'