Three women bowed for one km to joined TMC
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पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट इलाके में चार आदिवासी महिलाओं को टीएमसी नेताओं द्वारा जबरन दंडवत यात्रा कराने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। एनसीएसटी ने पश्चिम बंगाल पुलिस को एक नोटिस भी जारी किया है। इसमें उनसे तथ्य और कार्रवाई की गई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इधर, आयोग के संज्ञान लेने के बाद बंगाल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। हालांकि बंगाल भाजपा का कहना है कि पुलिस अभी भी मुख्य आरोपी को बचा रही है।
सांसद सुकांत मजूमदार की शिकायत के बाद एनसीएसटी ने पश्चिम बंगाल के पुलिस प्रमुख मनोज मालवीय को पत्र लिखा कि आयोग ने मामले की जांच करने का फैसला किया है। वह तीन दिनों के भीतर आरोपों पर की गई कार्रवाई पर तथ्य और जानकारी प्रस्तुत करें। एनसीएसटी ने यह भी कहा कि यदि पश्चिम बंगाल पुलिस निर्धारित समय में जवाब देने में विफल रही, तो वह व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी करेगा।
दरअसल, पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आदिवासी महिलाओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मजूमदार ने आयोग को पत्र लिखकर मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इस पत्र में टीएमसी के कुछ नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने भाजपा में शामिल हुईं आदिवासी महिलाओं से सजा के रूप में दंडवत परिक्रमा कराई। बाद में टीएमसी में जबरन शामिल कराया गया।
भाजपा ने आरोप लगाया था कि तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने तापन गोफानगर के चार नागरिकों को जबरन दंडवत परिक्रमा करने के लिए मजबूर किया। इन लोगों का कसूर इतना था कि ये भाजपा में शामिल हो गए थे। पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने ट्विटर पर एक वीडियो जारी कर यह आरोप लगाया है। मजूमदार ने आरोप लगाया था कि शुक्रवार को तृणमूल के लोगों ने इन्हें फिर से तृणमूल में शामिल होने पर मजबूर किया और इन्हें दंडवत परिक्रमा की सजा सुनाई। वीडियो में तीन महिलाएं दंडवत परिक्रमा करती नजर आ रही हैं।