केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नंदीग्राम विधानसभा से ममता बनर्जी को मात देने वाले सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी की सुरक्षा बढ़ा दी है। मंत्रालय ने दोनों ही सांसदों को वाई प्लस (Y+) कैटेगरी की सुरक्षा देने की घोषणा की है।
पश्चिम बंगाल में सियासी सरगर्मी जारी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नंदीग्राम विधानसभा से ममता बनर्जी को मात देने वाले सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी की सुरक्षा बढ़ा दी है। मंत्रालय ने दोनों ही सांसदों को वाई प्लस (Y+) कैटेगरी की सुरक्षा देने की घोषणा की है। सीआरपीएफ के जवान इनकी सुरक्षाा करेंगे।
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आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर कुमार अधिकारी और भाई दिब्येंदु अधिकारी को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से तैयार खतरे के आकलन की रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय ने सुरक्षा मुहैया कराई है। शिशिर कुमार अधिकारी कांठी लोकसभा सीट से सांसद हैं, जबकि दिब्येंदु अधिकारी राज्य में तमलुक से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद हैं।
सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में दोनों नेताओं पर शारीरिक सुरक्षा के खतरे के मद्देनजर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने की सिफारिश की गई। उन्हें पश्चिम बंगाल राज्य में ‘वाई प्लस’ केंद्रीय सुरक्षा मुहैया कराई गई है और केंद्रीय रिजर्व पुलिस (सीआरपीएफ) को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने बताया कि राज्य में जब भी उनमें से कोई कहीं जाएगा तो करीब चार से पांच सशस्त्र कमांडो उनके साथ होंगे।
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सीआरपीएफ सुवेंदु अधिकारी को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा भी देती है। शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। बता दें कि शिशिर अधिकारी और सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्होंने नंदीग्राम सीट से मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शिशिर अधिकारी की भी सुरक्षा बढ़ाई थी। उके अलावा भाजपा में शामिल होने वाले अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती भी गृह मंत्रालय की सुरक्षा से घिरे रहते हैं। आपको यह भी बता दें कि चुनाव से पहले और नतीजे आने के बाद बंगाल में हिंसक वारदातें लगातार हो रही हैं। इसमें दोनों ही दलों के कई कार्यकर्ताओं की मौत भी हो चुकी है। हाल ही में एक केंद्रीय मंत्री के काफिले पर भी हमला कर दिया था। भाजपा ने टीएमसी पर हमले के आरोप लगाए थे।