पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत के साथ जीतकर दूसरी बार सत्ता में आने वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार शुक्रवार को शपथ लेगी। इस बीच राज्य के पुराने मंत्रियों में मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चिंता बढ़ती जा रही हैं।
वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पता नहीं दीदी किसे रखेंगी और किसे नहीं। साथ ही सरकार में शामिल होने पर किसे कौन-सा मंत्रालय मिलेगा? सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल के गठन को लेकर दीदी भी काफी दबाव में हैं। अबकी पार्टी के जो 211 उम्मीदवार चुनाव जीते हैं, उनमें से करीब दो सौ विधायक मंत्री बनने की आस लगाए बैठे हैं। इससे दीदी की चिंता लाजिमी है।
इसके अलावा मंत्रिमंडल के गठन में जिलों के प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाना भी बेहद जरूरी है। हालांकि ममता के एक करीबी नेता का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस को भारी कामयाबी मिलने की वजह से कोई भी नेता अपने पसंदीदा मंत्रालय के लिए दबाव बनाने की स्थिति में नहीं है।