ममता सरकार के इस फैसले को भाजपा ने वोट बैंक का तुष्टिकरण बताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है कि राज्य सरकार वोट बैंक के लिए काम कर रही है। ममता सरकार केवल मुस्लिमों के विकास के लिए काम करना चाहती हैं।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस फैसले की निंदा की है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान ने कहा कि भेदभाव करना निदंनीय है। धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता। डाइनिंग हॉल बनाना है तो सभी के लिए बनाना चाहिए। हम सरकार के इस कदम की निंदा करते हैं।