देश में जारी कोरोना संकट और लॉकाडाउन के बीच केंद्र और ममता सरकार के बीच सियासी दांव-पेच जारी है। जहां पहले केंद्रीय कमिटी और कोरोना मरीजों की संख्या को लेकर केंद्र और बंगाल सरकार आमने-सामने थी अब रेड जोन पर दोनों के बीच ठन गई है। राज्य सरकार ने रेड जोन को लेकर केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पश्चिम बंगाल के मुख्य स्वास्थ्य सचिव विवेक कुमार ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। जिसमें उनका कहना है कि राज्य में केवल चार रेड जोन हैं। जबकि 30 अप्रैल को राज्यों के साथ कैबिनेट सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रस्तुति में 10 दिखाए गए हैं।
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि देश में जारी लॉकडाउन के बीच सबसे ज्यादा प्रभावित मजदूर वर्ग हुआ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर मजदूरों और उनके परिवारों का अभिवादन किया और कहा कि सभी को इस कठिन समय में अपने भाइयों और बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर दुनिया भर के सभी श्रमिकों और उनके परिवारों को मेरा अभिवादन। कोविड-19 महामारी और उसके बाद लागू हुए लॉकडाउन ने श्रमिक वर्ग को काफी तोड़ दिया है। हमें अपने भाइयों और बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।'
मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन की वजह से प्रभावित प्रवासी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की मदद के लिए उनकी सरकार द्वारा घोषित दो नई योजनाओं का जिक्र किया।