पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बीच आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डाटा को जब्त करने का प्रयास कर रही थी।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक और चुनावी प्रबंधन का कामकाज देखने वाली कंपनी 'आई-पैक' के कोलकाता स्थित साल्टलेक सेक्टर-5 स्थित दफ्तर में ईडी ने छापेमारी की है। कंपनी के मालिक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट कार्यालय पर भी ईडी की टीम पहुंची। ईडी के मुताबिक, इस मामले के तार कोयला चोरी से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि हवाला ऑपरेटरों की मदद से कोयला चोरी का पैसा, आई-पैक में लगा है। हालांकि ईडी की कार्रवाई के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने छापे वाली जगह पर पहुंचकर इलेक्ट्रॉनिक सबूत अपने कब्जे में ले लिए हैं। ईडी का कहना है कि यह तलाशी अभियान साक्ष्य आधारित है। इसका मकसद किसी भी राजनीतिक प्रतिष्ठान को टारगेट नहीं करना है। पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है और न ही यह रेड किसी भी चुनाव से संबंधित है। मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ यह ईडी की नियमित कार्रवाई का हिस्सा है। तलाशी अभियान, स्थापित कानूनी सुरक्षा उपायों के अनुसार हुआ है।
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ईडी ने क्या लगाए आरोप?
ईडी के अनुसार, सीबीआई की कोलकाता शाखा द्वारा दिनांक 27.11.2020 को अनूप मजी और अन्य के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर संख्या आरसी0102020ए0022 के आधार पर गुरुवार को तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए ईडी ने दिनांक 28.11.2020 को ईसीआईआर/17/एचआईयू/2020 के माध्यम से ईसीआईआर दर्ज किया था। जांच के दौरान यह पता चला है कि अनूप मजी के नेतृत्व वाला कोयला तस्करी गिरोह पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्रों से कोयला चुराकर अवैध रूप से उसका खनन करता था। इसके बाद, इस कोयले को बांकुरा, बर्धमान, पुरुलिया और पश्चिम बंगाल के अन्य जिलों में स्थित विभिन्न कारखानों/संयंत्रों में बेचा जाता था। जांच में सामने आया है कि इस कोयले का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनीज को बेचा गया था।
जांच में हवाला ऑपरेटरों से भी संबंध सामने आए हैं। विभिन्न व्यक्तियों के बयानों सहित कई सबूतों ने हवाला गिरोह के गठजोड़ की पुष्टि की है। जांच में पता चला कि कोयला तस्करी से प्राप्त धन को छिपाने में शामिल एक हवाला ऑपरेटर ने इंडियन पैसिफिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद की थी। कोयला तस्करी से प्राप्त धन को जुटाने में शामिल व्यक्तियों, हवाला ऑपरेटरों और हैंडलरों को 8 जनवरी 2026 को पीएमएलए के तहत तलाशी में शामिल किया गया। ईडी के मुताबिक, आई पीएसी भी हवाला के धन से जुड़ी संस्थाओं में से एक है।
10 जगहों पर ईडी की छापेमारी
ईडी की रेड में पश्चिम बंगाल के छह और दिल्ली के चार परिसरों को शामिल किया गया। तलाशी के दौरान, ईडी की टीम दक्षिण कोलकाता के पुलिस उपायुक्त और सरानी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी, पुलिसकर्मी के साथ अधिकारियों की पहचान सत्यापित करने के लिए एक परिसर में पहुंची। कुछ ही समय बाद कोलकाता पुलिस आयुक्त भी अपने दल बल के साथ परिसर में पहुंच गए। अधिकृत अधिकारी ने उन्हें कार्यवाही के बारे में जानकारी दी और अपना पहचान पत्र भी दिखाया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस अधिकारियों के आने तक कार्यवाही शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से चल रही थी।
ममता बनर्जी, अचानक प्रतीक जैन के आवासीय परिसर में दाखिल हुईं। वे भौतिक दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य अपने साथ ले गईं। मुख्यमंत्री का काफिला फिर आई-पीएसी के कार्यालय परिसर की ओर बढ़ा, जहां से बनर्जी, उनके सहयोगियों और राज्य पुलिस कर्मियों ने जबरन भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त कर लिए। इसके चलते पीएमएलए के तहत चल रही ईडी की जांच और कार्यवाही में बाधा उत्पन्न हुई है।