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CM शुभेंदु का फैसला: दुर्गा पूजा में अष्टमी के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, डीजे-विसर्जन को लेकर भी नए नियम

Mon, 07 Sep 2026 07:17 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी के दिन शराब की दुकानों और बार में बिक्री पर रोक रहेगी। वहीं सरकारी विज्ञापन में मां दुर्गा की 10 की जगह 11 भुजाएं दिखाए जाने पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने माफी मांगी और जिम्मेदार एजेंसी को चेतावनी दी। 
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शुभेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा को लेकर राज्य सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की कि महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की दुकानें और बार बंद रहेंगे। इसके साथ ही दुर्गा पूजा और विसर्जन जुलूसों के दौरान डीजे बजाने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा समितियों से त्योहार की पारंपरिक और धार्मिक भावना का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूजा की मूर्तियों, पंडालों और थीम से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।

दुर्गा पूजा में DJ बजाने पर भी लगी रोक

सरकार ने दुर्गा पूजा समारोह और विसर्जन जुलूसों के दौरान डीजे संगीत पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार के दौरान अनुशासन बनाए रखना और दुर्गा पूजा के पारंपरिक स्वरूप को सुरक्षित रखना जरूरी है।

क्या थीम आधारित दुर्गा पूजा पर भी रोक रहेगी?

थीम आधारित पूजा की अनुमति रहेगी, लेकिन पूजा समितियों को थीम चुनते समय सावधानी बरतनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मूर्ति, पंडाल और थीम ऐसी नहीं होनी चाहिए जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों या सनातन परंपराओं को ठेस पहुंचे। सरकार ने पूजा से जुड़े आयोजनों के लिए सड़कों के इस्तेमाल पर भी कुछ पाबंदियां लगाई हैं। किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग को पूजा आयोजन के लिए बंद नहीं किया जा सकेगा। कोलकाता में रेड रोड और कैथेड्रल रोड समेत 13 प्रमुख सड़कों पर पूजा से जुड़ी ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।

मूर्ति विसर्जन को लेकर क्या नए निर्देश दिए गए?

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा समितियों को लक्ष्मी पूजा से पहले तय अवधि के भीतर मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को विसर्जन की तारीख बदलने के लिए मजबूर या धमकाया नहीं जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने विसर्जन के दौरान क्रेन के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की घोषणा की है।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने क्यों मांगी माफी?

वहीं दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच सरकारी विज्ञापन में मां दुर्गा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विज्ञापन में मां दुर्गा की पारंपरिक 10 भुजाओं के बजाय 11 भुजाएं दिखाई गई थीं। विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को इसके लिए माफी मांगी और कहा कि विज्ञापन तैयार करने वालों को चेतावनी दी गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों को लेकर सरकार अधिक सावधानी बरतेगी। यह विज्ञापन दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर आयोजित समन्वय बैठक की जानकारी देने के लिए अखबारों में प्रकाशित किया गया था।

सरकारी विज्ञापन में क्या गलती हुई?

अखबार में प्रकाशित विज्ञापन में मां दुर्गा को 11 भुजाओं के साथ दिखाया गया था। अतिरिक्त हाथ में एक ऐसी वस्तु दिखाई गई, जिसे स्पष्ट रूप से पहचाना नहीं जा सका। विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीरों के साथ मां दुर्गा की तस्वीर भी शामिल थी। विज्ञापन का उद्देश्य आगामी दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर होने वाली समन्वय बैठक की जानकारी देना था।

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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सबसे पहले वह राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर इस गलती के लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने बताया कि गलत विज्ञापन प्रकाशित करने वालों को सावधान किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में सरकार इस तरह के मामलों में अधिक सतर्कता बरतेगी।

विपक्ष ने विज्ञापन पर क्या सवाल उठाए?

विज्ञापन सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा। माकपा नेता शतरूप घोष ने कहा कि धार्मिक परंपरा में मां दुर्गा को दस भुजाओं के साथ दिखाया जाता है और विज्ञापन में एक अतिरिक्त हाथ जोड़ दिया गया। तृणमूल कांग्रेस के विधायक और प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी इस मामले पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मां दुर्गा को पारंपरिक रूप से ‘दशभुजा’ के रूप में दिखाया जाता है और विज्ञापन में उन्हें ‘एकादशभुजा’ बना दिया गया।

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