पश्चिम बंगाल सरकार ने शुक्रवार रात एक बड़े नौकरशाही फेरबदल की घोषणा की। जिसमें तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं।
नई व्यवस्था के मुताबिक 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार मिश्रा को योजना एवं सांख्यिकी विभाग के अतिरिक्त प्रभार के साथ वित्त विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। मिश्रा पहले सिंचाई और जलमार्ग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे और उनके पास जल संसाधन जांच और विकास विभाग और परियोजना निदेशक, एआईडीएम का अतिरिक्त प्रभार भी था।
वहीं 1991 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज पंत को अपर मुख्य सचिव, सिंचाई एवं जलमार्ग के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके पहले पंत योजना और सांख्यिकी विभाग के अतिरिक्त प्रभार के साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त थे। वह नई दिल्ली में कैबिनेट सचिवालय के विशेष कर्तव्य अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य सचिव भी थे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव रोशनी सेन जो कि 1993 बैच की अधिकारी हैं और उन्हें जल संसाधन जांच और विकास विभाग की नई अतिरिक्त मुख्य सचिव और एडीएमआई की परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है। हालांकि सेन अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में मत्स्य पालन, जलीय कृषि, जलीय संसाधन और मत्स्य पालन बंदरगाह का काम जारी रखेंगी और पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या को लेकर देशभर में मचे हंगामे के बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या देश में तीसरी सबसे अधिक है।
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखा था पत्र
सीएम बनर्जी ने शुक्रवार को पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा कि पश्चिम बंगाल में 88 फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतें और 62 पोक्सो-नामित अदालतें पहले से ही राज्य के वित्त पोषण पर काम कर रही हैं। ममता बनर्जी ने लिखा कि राज्य में हेल्पलाइन नंबर 112 और 1098 काम कर रहे हैं और आपातकालीन स्थितियों में डायल-100 का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर सख्त केंद्रीय कानून और अनुकरणीय सजा के लिए अपना अनुरोध भी दोहराया।